संसद के बजट सत्र से पहले सरकार ने विधायी और अन्य एजेंडों पर चर्चा करने के लिए आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में 35+ पार्टियों के सांसद शामिल हुए। इस दौरान बजट सत्र को सकारात्मक और सुचारू रूप से चलाने को लेकर चर्चा हुई।
बजट सत्र 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ शुरू होगा। केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश होगा। इस दिन रविवार है।
ऑल पार्टी मीटिंग के बाद किरेन रिजिजू ने विपक्ष के विधायी एजेंडा शेयर नहीं करने के आरोप पर कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद सरकार अपना एजेंडा शेयर करती है। विपक्ष को बोलने की आजादी है, लेकिन सुनना भी जरूरी है। उन्होंने मनरेगा की जगह लाए गए VB-G RAM-G कानून पर चर्चा की मांग खारिज कर दी।
2026-27 का बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा। वित्त मंत्री 7.4% विकास दर और अनिश्चित जियो पॉलिटिक्स के बीच 1 फरवरी को लोकसभा में बजट पेश करने वाली हैं। यह मोदी 3.0 सरकार का तीसरा पूर्ण बजट होगा।
बजट सत्र के दौरान लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए अस्थायी रूप से तीन दिन (2 से 4 फरवरी) तय हैं। 28 जनवरी और 1 फरवरी को कोई शून्यकाल नहीं होगा।
बजट सत्र का 2 अप्रैल तक चलेगा। इस अवधि में इंटरसेशन ब्रेक भी होगा। बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक निर्धारित है, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा। बजट सत्र में 30 बैठकें होंगी।
सर्वदलीय बैठक से पहले कांग्रेस ने भी बजट सत्र की रणनीति पर चर्चा करने के लिए संसदीय दल के स्ट्रैटजी ग्रुप की मीटिंग बुलाई है। यह मीटिंग मंगलवार को CPP चेयरपर्सन सोनिया गांधी के घर पर होगी।कांग्रेस MP मणिकम टैगोर ने कहा कि मीटिंग में वोट चोरी, SIR, किसानों के धान की खरीद, MGNREGA को वापस लाना, इन सभी मुद्दों पर चर्चा होगी।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की मंगलवार को आई रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार का पूंजीगत खर्च (वित्तीय वर्ष) FY-27 में 12 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा होने की उम्मीद है, जो सालाना आधार पर लगभग 10% की बढ़ोतरी दर्ज करेगा।
रिपोर्ट के आंकड़ों से पता चला है कि बजट अनुमानों के अनुसार कुल पूंजीगत खर्च FY-16 में 2.5 लाख करोड़ से बढ़कर FY-26 में 11.2 लाख करोड़ रुपए हो गया।


