मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता और उनके समर्थकों को आज आजाद मैदान खाली करने से राहत मिली है। मामले में सुनवाई बुधवार दोपहर 1 बजे तक टाली गई है। मंगलवार को एक्टिंग चीफ जस्टिस (ACJ) श्री चंद्रशेखर और जस्टिस आरती साठे की बेंच ने दो बार सुनवाई की।
बेंच ने जरांगे और उनके समर्थकों को मंगलवार दोपहर 3 बजे तक आजाद मैदान खाली करने के आदेश दिए थे। इसका बाद भारी संख्या में पुलिसबल मैदान पहुंचने लगा था।
दोपहर 3 बजे के बाद मामले में दूसरी बात सुनवाई हुई।जरांगे के वकील ने बेंच से बुधवार दोपहर 11 बजे तक का वक्त मांगा। कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन जारी है। लॉ एंड ऑर्डर नहीं बिगड़ेगा, इसकी जवाबदारी लेते हैं।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल बीरेन्द्र सराफ ने बेंच से कहा- पुलिस ने सभी प्रक्रियाओं का पालन किया है। प्रदर्शनकारियों को उनकी गलतियों की लिस्ट सौंपी गई है। जरांगे और उनके समर्थक मुंबई छोड़ने का आश्वासन दें, तभी हालात पर असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव के दौरान सड़कों पर भीड़ बढ़ी हुई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए चुनौती है। इस पर बेंच ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा- आपको दूसरे ही दिन अदालत आना चाहिए था, बताना चाहिए था कि 5 हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ हो चुकी है।
बेंच ने कहा था- आपके प्रदर्शनकारी सड़क पर नाच रहे थे
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को मुंबई के आजाद मैदान में आमरण अनशन जारी रखने पर मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने जरांगे और सभी प्रदर्शनकारियों को आज दोपहर 3 बजे से पहले आजाद मैदान खाली करने का आदेश दिया था।
एक्टिंग चीफ जस्टिस (ACJ) श्री चंद्रशेखर और जस्टिस आरती साठे की बेंच ने कहा, “अगर 3 बजे तक आजाद मैदान खाली नहीं हुआ को प्रदर्शनकारियों पर कठोर जुर्माना, अदालत की अवमानना की कार्यवाही और अन्य कार्रवाई की जाएगी।”
ACJ ने कहा- आप किसी हाईकोर्ट के जस्टिस को पैदल चलकर अदालत पहुंचने पर सिर्फ इसलिए मजबूर नहीं कर सकते क्योंकि आपके प्रदर्शनकारी सड़क पर नाच रहे थे। हम राज्य सरकार से भी जानना चाहते हैं कि वह क्या कर रही थी?
जरांगे 29 अगस्त से पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी के तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षा में मराठा समुदाय को 10% आरक्षण देने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। आज उनके आमरण अनशन का 5वां दिन है। सोमवार से जरांगे ने पानी पीना भी बंद कर दिया है।


