दिवाली, छठ पूजा और बिहार विधानसभा चुनाव के चलते उत्तर भारत जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ देश के कई रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंड पर है।
रेलवे यात्रियों की सबसे ज्यादा भीड़ दिल्ली, सूरत और सूरत के उधना स्टेशन है। पैसेंजर्स ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन ट्रेनें फुल होने के चलते मुश्किलें आ रही हैं।
सरत में हजारों लोग टिकट होने के बावजूद ट्रेन में सवार नहीं हो पा रहे हैं। स्टेशन से लेकर रिहायशी इलाकों तक यात्रियों की लाइनें लग गई हैं। 12 से 18 घंटे से भूखे-प्यासे लोग बस एक ही गुहार लगा रहे हैं कि घर जाना है, लेकिन ट्रेनों में जगह नहीं मिल रही है।
सूरत के उधना में लगी 2 किमी लंबी लाइन
सूरत के उधना रेलवे स्टेशन के बाहर शनिवार शाम से ही भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। ट्रेनों में जगह न मिलने से कुछ लोगों दो-तीन बार टिकट भी कैंसिल करवाए। इसके चलते स्टेशन के बाहर दो किमी से ज्यादा लंबी लाइन लग गई थी। स्टेशन पर अभी भी 6 से 7 हजार से ज्यादा यात्रियों की भीड़ है। पश्चिम रेलवे की और से जानकारी दी गई है कि जानकारी दी जा रही है कि आज और ट्रेनें चलेंगी। कई ट्रेनों में बोगियां भी बढ़ाई जा रही हैं।
रेलवे प्रशासन को पता था कि रविवार को सबसे ज्यादा भीड़ होगी, इसके बावजूद शुक्रवार रात 8 बजे से शनिवार रात 11 बजे तक केवल दो ट्रेनें ही रवाना हुई। इसके चलते शनिवार को स्टेशन के बाहर करीब 2 किमी लंबी लाइन लग गई थी।
सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को हो रही है। अब उनका गुस्सा भी फूट पड़ा है क्योंकि वे भूखे-प्यासे लंबी कतारों में खड़े हैं। इसके बाद भी यह तय नहीं है कि ट्रेन मिलेगी या नहीं।
संभावना है कि रविवार को सुबह से रात तक 7,000 से ज्यादा लोग ट्रेन से अपने गृहनगर जाएंगे। इसके लिए पश्चिम रेलवे ने 21 ट्रेनों का इंतजाम किया है। हालांकि, इन ट्रेनों का इंतजाम काफी लेट करने से लोग नाराज हैं। अगर स्पेशल ट्रेनों का इंतजाम पहले ही हो जाता तो पैसेंजर्स को इतना परेशान नहीं होना पड़ा।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भी पिछले दो-तीन दिनों से जबर्दस्त भीड़ है। शनिवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां उन्होंने भीड़ नियंत्रण की तैयारियों का जायजा लिया।
रेल मंत्री के बयान के मुताबिक, फेस्टिव सीजन में यात्रियों की सुविधा के लिए 12000 स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और कई लोगों पर FIR भी दर्ज की गई है।

