केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में बुधवार को हिंसक प्रदर्शन हुआ। छात्रों की पुलिस और सुरक्षाबलों से झड़प हो गई। छात्रों ने भाजपा ऑफिस में आग लगा दी। पुलिस पर पत्थरबाजी की, CRPF की गाड़ी में आग लगा दी।
ये छात्र सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के समर्थन में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वांगचुक पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। मांगें पूरी न करने के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने आज बंद बुलाया था। इस दौरान हिंसा हुई।
इस मांगों को लेकर अगली बैठक दिल्ली में 6 अक्टूबर को होगी। साल 2019 में अनुच्छेद 370 और 35A हटाते समय जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए थे। सरकार ने उस समय ही राज्य के हालात सामान्य होने पर पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का भरोसा दिया था।
सोशल मीडिया से भीड़ जुटाई: आंदोलनकारियों ने मंगलवार की रात को 24 सितंबर को लद्दाख बंद का आह्वान किया था। भीड़ जुटाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया। लोगों से लेह हिल काउंसिल पहुंचने की अपील की। इसका असर दिखा और बड़ी तादाद में लोग पहुंचे।
पुलिस-प्रदर्शनकारियों की झड़प: लेह हिल काउंसिल के सामने आंदोलनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा रखे थे। जब आंदोलन कारी आगे बढ़े तो पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी, लेकिन भीड़ ने पुलिस की गाड़ी जलाई और तोड़फोड़ की।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता शेख बशीर अहमद ने कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारा मानना है कि 5 अगस्त 2019 के फैसले को लेह या जम्मू-कश्मीर के लोगों ने स्वीकार नहीं किया। दुख की बात है कि लोग सिर्फ अब ही विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि तब से मांग कर रहे हैं जब उनका क्षेत्र यूनियन टेरिटरी बना था। वे पांचवीं अनुसूची लागू करने और विधायी अधिकार देने की मांग करते रहे हैं। जब इन मांगों को अनसुना किया गया, तो कुछ लोगों ने कथित रूप से ऑफिस में आग लगाई और हिंसा की, जिससे यह स्थिति बनी।”

