भारत चौकन्ना, कश्मीर में हरकत बढ़ाने को पाकिस्तान कर रहा है इंतजार

0
14

New Delhi/Atulya Loktantra : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तालिबान के साथ कैंप डेविड में होने वाली बैठक को रद्द कर दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह फैसला काबुल में हुए हमले के बाद लिया है जिसमें 1 अमेरिकी सैनिक सहित 12 लोगों की मौत हो गई थी. उनके इस फैसले पर तालिबान की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया दी गई है और कहा गया है कि ट्रंप ने इस फैसले से अपनी विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया है.

तालिबान की ओर से कहा गया है कि अमेरका का यह फैसला अविश्वसनीय है. तालिबान के राजनीतिक मामलों के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने ट्वीट कर कहा, ‘कुछ दिन पहले ही अमेरिका के साथ समझौते तय हुए थे और इसको दोनों पक्षों के नेताओं के पास भेज दिया गया था. हर कोई इससे सहमत था साथ ही इस पर भी राय बनी थी कि कतर इस डील की घोषणा करेगा. लेकिन ट्रंप की ओर से किए गए निराशाजनक ट्वीट ने उनकी विश्वसनीयता को पहुंचाया है’. हालांकि अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो का कहना है कि इसको लेकर काम जारी है लेकिन यह तब तक आगे बढ़ नहीं सकता है जब तक तालिबान अपनी प्रतिबद्धता नहीं दिखाता है.

आपको बता दें कि कई महीनों से कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और तालिबान के बीच समझौते को लेकर बातचीत चल रही है. हालांकि तालिबान अफगान सरकार से भी बातचीत करने पर अड़ा था जिसे वह अमेरिका की कठपुतली समझता है. बाद में कैंप डेविड में होनी वाली बातचीत में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति के आने भी सहमति बनी थी. इस बीच यह खबर आई कि अमेरिका अफगानिस्तान से 5 हजार सैनिक हटाने को सैद्धांतिक रूप से तैयार है अगर तालिबान कुछ बातों की गारंटी दे.

भारत के लिए क्यों है चिंता की बात
1- तालिबान का झुकाव पाकिस्तान की ओर ज्यादा रहता है और वह उसके इशारे पर तालिबान, भारत-अफगान व्यापार को प्रभावित कर सकता है.
2- अफगानिस्तान में भारत ने कर रखा बड़ा निवेश. अफगानिस्तान की संसद को भी भारत के सहयोग से बनाया गया है जिसमें राजस्थान का पत्थर लगा है.
3- पाकिस्तान अफगान आतंकियों का इस्तेमाल कश्मीर में कर सकता है.
4- अमेरिका अगर अफगानिस्तान से अपनी सेना हटाता है तो तालिबान मजबूत होगा और ऐसा होने पर पाकिस्तान का दखल बढ़ेगा जो भारत के लिए ठीक नहीं होगा.

Previous Most Popular News StoriesFATF को सफाई देने पहुंची PAK टीम, ब्लैकलिस्ट होने का बढ़ा खतरा
Next Most Popular News Storiesढहती अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए अब बेली डांसर्स के भरोसे इमरान सरकार
इस न्यूज़ पोर्टल अतुल्यलोकतंत्र न्यूज़ .कॉम का आरम्भ 2015 में हुआ था। इसके मुख्य संपादक पत्रकार दीपक शर्मा हैं ,उन्होंने अपने समाचार पत्र अतुल्यलोकतंत्र को भी 2016 फ़रवरी में आरम्भ किया था। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से इस नाम को मान्यता जनवरी 2016 में ही मिल गई थी । आज के वक्त की आवाज सोशल मीडिया के महत्व को समझते हुए ही ऑनलाईन न्यूज़ वेब चैनल/पोर्टल को उन्होंने आरंभ किया। दीपक कुमार शर्मा की शैक्षणिक योग्यता B. A,(राजनीति शास्त्र),MBA (मार्किटिंग), एवं वे मानव अधिकार (Human Rights) से भी स्नातकोत्तर हैं। दीपक शर्मा लेखन के क्षेत्र में कई वर्षों से सक्रिय हैं। लेखन के साथ साथ वे समाजसेवा व राजनीति में भी सक्रिय रहे। मौजूदा समय में वे सिर्फ पत्रकारिता व समाजसेवी के तौर पर कार्य कर रहे हैं। अतुल्यलोकतंत्र मीडिया का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सरोकारों से परिपूर्ण पत्रकारिता है व उस दिशा में यह मीडिया हाउस कार्य कर रहा है। वैसे भविष्य को लेकर अतुल्यलोकतंत्र की कई योजनाएं हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here