नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की साल 2022 की रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले साल देश में सुसाइड के कुल 1 लाख 71 हजार मामले रिकॉर्ड किए गए। यानी हर दिन 468 लोगों ने आत्महत्या की।
3 दिसंबर को जारी NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल
- महाराष्ट्र में 22,746
- तमिलनाडु में 19,834
- मध्य प्रदेश में 15,386
लोगों ने सुसाइड किया।
NCRB आत्महत्या की रिपोर्ट – आत्महत्या करने वालों में 11,290 लोग खेतिहर मजदूर या किसान थे।
- 5,207 किसान
- 6,083 खेतिहर मजदूर
इस हिसाब से हर दिन 30 मजदूरों या किसानों ने सुसाइड किया।
यह 2021 की तुलना में 3.7% ज्यादा है। 2021 में कृषि क्षेत्र से जुड़े 10,881 लोगों की आत्महत्या से मौत हुई थी। इनमें 5,318 किसान और 5,563 खेतिहर मजदूर थे। पुरुष किसानों की संख्या 4,999 और महिलाओं की 208 थी।
दिल्ली में आत्महत्या के मामले 21% बढ़े
महानगरों की बात करें तो
- दिल्ली में सबसे ज्यादा 3,367
- बेंगलुरु में 2,313
- चेन्नई में 1,581
- मुंबई में 1,501
लोगों ने पिछले साल आत्महत्या की।
दिल्ली में 2021 की तुलना में आत्महत्या के मामले 21% बढ़े हैं। देश में 2021 के मुकाबले यह आंकड़ा 4.2% बढ़ा है।
फैमिली प्रॉब्लम-बीमारी सुसाइड की सबसे बड़ी वजह
आत्महत्या के आधा से ज्यादा मामलों में
- फैमिली प्रॉब्लम और बीमारी से परेशान
होकर लोगों ने अपनी जान दे दी।
लव अफेयर और शादी में प्रॉब्लम के कारण 9.3% सुसाइड हुए।
4.1% मामलों में लोगों ने कर्ज या दिवालियापन के कारण आत्महत्या की।


