
गुवाहाटी/ गोपाल किरन समाजसेवी संस्था द्वारा एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड इन इंडिया के सहयोग से एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता और निवेशक जागरूकता विषय पर आयोजित पुस्तक विमोचन एवं ग्लोबल विभूति अचीवर्स अवार्ड समारोह हॉल,दिशपुर सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल,गुवाहाटी में गरिमामयी वातावरण और राष्ट्रीय स्तर की भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ।
इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पधारे अबुल बासर मोहम्मद यूनस (IAS), स्वास्थ परिवार एवं कल्याण विभाग, असम,श्री रविशंकर रवि संपादक, दैनिक पूर्वोदय भारत विशेष अतिथि डॉ. अभिजीत पायेंग,प्राचार्य,अनुवाद संस्थान,की उपस्थिति ने समारोह को विशेष महत्त्व प्रदान किया कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीप्रकाश सिंह निमराजे अध्यक्ष गोपाल किरन समाजसेवी संस्था ने की। साथ ही समाजसेवा के क्षेत्र की प्रतिष्ठित हस्तिया ने विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच को शोभायमान किया। कार्यकम का उदघाटन सूर्यकांत शर्मा ( सीनियर कंसलटेंट AMFI पूर्व डीजीएम सेबी),नई दिल्ली ने किया इस अवसर पर आपने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वित्तीय साक्षरता का अर्थ है धन का बुद्धिमानी से प्रबंधन करना जानना। यह बजट बनाने, पैसे बचाने, निवेश करने और बुद्धिमानी से उधार लेने जैसी चीज़ों को समझने की समझ विकसित करना है। जब आप वित्तीय रूप से साक्षर होते हैं, तो आप अपने वित्त के बारे में समझदारी भरे फैसले ले सकते हैं, जैसे भविष्य की योजना बनाना या धोखाधड़ी से बचाव करने में सहायक रहता है।
आज के संदर्भ में वित्तीय साक्षरता इतना महत्वपूर्ण है।वित्तीय साक्षरता के अंतर्गत आने वाले कौशलों में घरेलू बजट बनाना, ऋण प्रबंधन, वित्तीय उत्पादों का मूल्यांकन, निवेश का चयन आदि शामिल हैं।वित्तीय साक्षरता आपके धन को प्रभावी ढंग से समझने और प्रबंधित करने की क्षमता है। यह आपको सूचित निर्णय लेने, वित्तीय तनाव से बचने और अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करती है।
वित्तीय साक्षरता और समावेशन सर्वेक्षण. वित्तीय शिक्षा रणनीतियाँ जनसंख्या और विशिष्ट उपसमूहों के बीच आवश्यकता के स्तर को दर्शाने के लिए अनुभवजन्य साक्ष्यों से लाभान्वित होती हैं। वित्तीय शिक्षा के क्षेत्र में कार्यक्रमों की आवश्यकता है, क्योंकि वित्तीय उत्पादों के कई उपयोगकर्ताओं में वित्तीय साक्षरता दक्षता का अभाव है। वित्तीय साक्षरता एक ऐसी चीज है जो किसी व्यक्ति के जीवन के लगभग हर पहलू को शामिल कर सकती है।
संस्था गोपाल किरन समाज सेवी के अध्यक्ष श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने स्वागत उद्बोधन में संस्था की गतिविधियों एवं कार्यकम उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए इस क्षेत्र में कार्यकम को रखने के बारे में बताया कि पूर्वोत्तर भारत को सात बहनें और एक भाई का क्षेत्र कहा जाता है। भारत के कुल भूभाग के 7 प्रतिशत से अधिक भाग इसमें शामिल है।
अबुल बासर मुहम्मद यूनस (IAS)ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा समाजसेवा के प्रति समर्पण ही राष्ट्रसेवा का मार्ग है। ऐसे प्रतिभावानों का सम्मान करना हमारे लिए गौरव की बात है। ऐसे आयोजनों से समाज में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार होता है।
सम्मानित व्यक्तियों के प्रयास समाज और साहित्य की उन्नति के लिए आदर्श हैं। उत्तराखंड से पधारी डॉ.राधा वाल्मिक, तमिलनाड़ू से पधारे डॉ. जे. नागराजन ने कहा – “साहित्य की हर विधा का सम्यक आलोचनात्मक अध्ययन आवश्यक है, तभी हम उसकी गहराई तक पहुँच सकते हैं।”ओचमान अली अध्यक्ष, प्रणय कुमार शर्मा सभापति राष्ट्रभाषा महाविद्यालय परिचालन समिति,उत्पल शर्मा, डॉ.जाकिर हुसैन विभागाध्यक्ष,हिंदी गीतानगर महाविद्यालय गुवाहाटी आदि ने अपने विचार रखे।
कार्यकम की संयोजक डॉ.अनुजा बेगम द्वारा लिखित एवं संपादित पुस्तक मेघालय की गोद में, काव्य विविधा पुस्तक लोकार्पण भी किया गया।
कार्यकम का शुभारंभ संविधान की प्रस्तावना से वाचन जिसका वाचन श्रीमती उर्मिला सर कानूनगो ने कराया ओर समापन राष्ट्र गीत के साथ हुआ। उपस्थिति जनों का का स्वागत कु. प्रियंका वर्मा हाथरस,श्रीमती चंचल सुमन (आगरा), जयजीत सिंह, ग्वालियर पंचशील का पटका पहनाकर किया ने किया। ओर असमिया पारंगत रूप से डॉ. अभिजीत पायेंग ने किया।


