दिल्ली जल बोर्ड के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के बोरवेल में गिरे 30 साल के शख्स की मौत हो गई है। वह शनिवार-रविवार (10 मार्च) की देर रात एक बजे 40 फीट गहरे बोरवेल में गिरा था। करीब 12 घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसका शव निकाला गया है। अभी तक शख्स की पहचान नहीं हो सकी है।
दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारी रविंदर सिंह ने रविवार सुबह कहा था कि बोरवेल में एक बच्चे के गिरने की सूचना मिली थी। लेकिन रेस्क्यू के दौरान पता चला कि बोरवेल में 18 से 20 साल का युवक गिरा है। इसके बाद दोपहर में जब शव बाहर निकाला गया तो पता चला कि शख्स की उम्र 30 साल है।
NDRF, दिल्ली पुलिस और फायर सर्विस की टीम ने बोरवेल के बगल में गड्ढा खोदकर शख्स का शव निकाला है। इससे पहले बोरवेल में रस्सी डालकर रेस्क्यू करने की कोशिश की गई थी, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली थी। जल मंत्री आतिशी ने कहा- शख्स के बोरवेल रूम में घुसने और बोरवेल में गिरने की जांच की जाएगी।
रेस्क्यू के दौरान मौके पर पहुंची थीं आतिशी
जल मंत्री आतिशी रविवार सुबह वाटर प्लांट पहुंची थीं। उन्होंने कहा था कि रात को जब रेस्क्यू टीम प्लांट पर पहुंची थी, तब बोरवेल वाले सेक्शन में ताला लगा हुआ था, जिसे तोड़कर ऑपरेशन शुरू किया गया था। किसी को भी प्लांट में बोरवेल के पास जाने की अनुमति नहीं होती है। पुलिस जांच कर रही है कि रात को ऐसा कैसे हुआ। आतिशी ने शख्स के शव निकाले जाने के बाद कहा कि मामले की जांच होगी। मैं NDRF की टीम का धन्यवाद करती हूं।
डिप्टी कमिश्नर बोले- रात में युवक के गिरने की ही सूचना मिली थी
दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर विचित्र वीर ने रविवार सुबह बताया कि विकासपुर पुलिस स्टेशन में शनिवार रात करीब 1 बजे एक कॉल आया था। फोन पर बोरवेल में एक युवक के गिरने की सूचना मिली थी। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ फायर ब्रिगेड की टीम पांच गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंची। वहां पहुंचने पर पता चला कि बोरवेल में बच्चा गिरा है। इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। हालांकि, रविवार सुबह पता चला कि बोरवेल में बच्चा नहीं युवक ही गिरा है।


