महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी CM अजित पवार की अस्थियां रविवार को संगम में प्रवाहित की गईं। बेटे जय पवार ने संगम पर पूजा-पाठ की। फिर मंत्रोच्चारण के बीच अस्थि विर्सजन किया। इस दौरान जय पवार भावुक नजर आए। वह पूरे कार्यक्रम के दौरान चुप रहे। किसी से बात नहीं की।
यही नहीं, जब पत्रकारों ने जय से सवाल किए तो भी वह चुप रहे, कुछ भी नहीं कहा। पवार परिवार चार्टर्ड फ्लाइट से पुणे से प्रयागराज पहुंचा था। जय पिता की अस्थियां लेकर नंगे पैर एयरपोर्ट से बाहर आए। उनके हाथ में अस्थियों का बॉक्स था।
एयरपोर्ट से संगम तक लंबे काफिले के साथ परिवार घाट तक पहुंचा। अस्थि विसर्जन के दौरान भाजपा और NCP के नेता भी मौजूद रहे।
दरअसल, एनसीपी की युवा इकाई राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज शर्मा की अगुवाई में कश्मीर से कन्याकुमारी तक अजित पवार की ‘अस्थि कलश यात्रा’ निकाली गई थी। 12 राज्यों से गुजरी यात्रा का समापन आज बेटे और परिवार की मौजूदगी में संगम में हुआ।
धीरज शर्मा ने बताया- परिवार समेत लाखों राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं और दादा के समर्थकों के लिए बहुत भावुक पल हैं। मैं अस्थि कलश यात्रा को लेकर हरिद्वार से तेलंगाना तक गया। अजित दादा सिर्फ महाराष्ट्र के नहीं, बल्कि देश की बड़ी राष्ट्रीय राजनीतिक शख्सियत थे।
अजित पवार का 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट पर एक चार्टर्ड विमान दुर्घटना में निधन हो गया था। हादसे में उनके साथ दो पायलट, एक महिला क्रू मेंबर और एक सुरक्षाकर्मी समेत कुल 5 लोगों की जान चली गई थी। विमान लैंडिंग के दौरान रनवे से पहले गिर गया था और उसमें आग लग गई थी। अजित के निधन के बाद पत्नी सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।
दिवंगत राजनेता अजित पवार का तीन पवित्र नदियों के मिलन संगम में बेटे जय पवार नें पुरोहितों की मौजूदगी में अस्थि कलश पूजा के बाद विधि-विधान से विसर्जन किया। महाराष्ट्र के बारामती से शनिवार सुबह जैट विमान से परिवार के सदस्यों और करीबियों के साथ आये जय पवार नें संगम पहुंच कर अपने पिता को सनातनी परंपरा के अनुसार संगम के वीआईपी घाट पर अस्थि कलश प्रवाहित किया। इस दौरान एयरपोर्ट और घाट से लेकर पूरा शहर अजित दादा को श्रद्धांजलि देने वाले पोस्टर से पटा रहा।


