ईरान-इजराइल जंग के बीच सरकार ने आज सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक की अध्यक्षता रक्षामंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं। इस बैठक में मिडिल ईस्ट पर के हालातों और देश में गैस-तेल की उपलब्धता पर चर्चा की जाएगी।
बैठक से पहले ममता बनर्जी की पार्टी TMC ने बैठक में शामिल ना होने का फैसला लिया है। वहीं, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी भी बैठक में शामिल नहीं होंगे।
बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर सभी दलों के मिडिल ईस्ट के हालतों पर ब्रीफ करेंगे। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया के हालात पर मंगलवार को राज्यसभा में कहा था कि अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग जारी रही तो इसके दुष्परिणाम होंगे। आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेने वाला है। इसमें राज्यों का सहयोग जरूरी है। टीम इंडिया की तरह काम करना होगा।
पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने लोकसबा में पहली बार सार्वजनिक बयान दिया। लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच में उन्होंने कहा था कि तनाव खत्म होना चाहिए। बातचीत से ही समस्या का समाधान है। पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं। होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा।दिल्ली में सर्वदलीय बैठक को लेकर BJP सांसद शशांक मणि ने विपक्ष पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को जिम्मेदारी से काम करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि इस संकट से निपटने के लिए सबका सहयोग जरूरी है।
शशांक मणि ने कहा कि यह संकट देश के अंदर का नहीं, बल्कि बाहर से आया है, इसलिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए।
उन्होंने TMC के वॉकआउट को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। साथ ही कहा कि राहुल गांधी का बैठक में शामिल न होना और केरल जाना देश के लिए गलत संदेश देता है।


