केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल में एक सभा में कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाल को घुसपैठियों का स्वर्ग बना दिया है। उन्होंने कहा कि एक बार BJP की सरकार बन जाए, तो हम बंगाल से हर घुसपैठिए की पहचान करके उसे निकाल देंगे।
शाह ने आगे कहा कि अभी वोटर रोल से सिर्फ घुसपैठियों के नाम हटाए जा रहे हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में पार्टी के पूरी बहुमत के साथ सत्ता में आने पर उन्हें राज्य से बाहर कर देंगे।
अमित शाह ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में भारतीय जनता पार्टी(BJP) की परिवर्तन यात्रा को संबोधित करने के दैरान ये बातें कहीं।
हिंदू शरणार्थियों की नागरिकता नहीं छीनी जाएगी। ममता बनर्जी की सरकार सीमाओं की सुरक्षा करने में नाकाम रही है। BJP के सत्ता में आने पर घुसपैठ और भ्रष्टाचार दोनों रुकेंगे।
ममता मंदिरों के उद्घाटन में व्यस्त थीं, जबकि राज्य में मस्जिद बनने दी जा रही थी। TMC नेता हुमायूं कबीर की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद बनाने की कोशिश एक साजिश का हिस्सा थी।
BJP ने राज्य में बदलाव लाने के लिए परिवर्तन यात्रा शुरू की है। परिवर्तन का मतलब सिर्फ मुख्यमंत्री बदलना नहीं, बल्कि बंगाल को घुसपैठ से मुक्त करना, भ्रष्टाचार खत्म करना, TMC सरकार हटाकर BJP सरकार बनाना है।
पूरे पश्चिम बंगाल में कुल 9 परिवर्तन यात्राएं निकाली जा रही हैं। चार यात्राएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं और बाकी अलग-अलग जिलों से शुरू होंगी।
दशकों के कम्युनिस्ट शासन और फिर TMC सरकार के कारण बंगाल की स्थिति खराब हुई है। अब सोनार बांग्ला को फिर से बनाने का समय आ गया है।
परिवर्तन यात्रा 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ा राज्यव्यापी कैंपेन है। यह 5,000 किमी से ज्यादा का सफर तय करेगा, जिसमें 63 बड़ी रैलियां और 282 छोटी सभाएं शामिल हैं।
इसका अंत कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक बड़ी रैली में होगा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। पार्टी सूत्रों ने कहा कि इस कैंपेन का टारगेट 1 करोड़ से ज्यादा सीधे नागरिकों से जुड़ना, बूथ-लेवल पर जुड़ाव और संगठनात्मक पहुंच को मज़बूत करना है।
राज्य चुनाव आयोग ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान मार्च के दूसरे हफ्ते में होने की संभावना है। चुनाव कितने फेज में होंगे, इस पर लगातार अंदाजा लगाया जा रहा है।
अधिकारी ने कहा कि वोटिंग तीन फेज में हो सकती है। आयोग की पूरी बेंच पहले ही तमिलनाडु और असम का दौरा कर चुकी है, लेकिन अभी तक पश्चिम बंगाल का दौरा नहीं किया है।
पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद 28 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश हो गई। इसमें वोटर 7.66 करोड़ से घटकर 7,04,59,284 रह गए हैं। यानी SIR से अब तक 63.66 लाख नाम हटे हैं, जो कुल मतदाताओं का 8.3% है। दिसंबर में जारी मसौदा सूची में 58 लाख से अधिक नाम हटे थे।
CEO ने कहा- 60 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम की जांच अभी भी जारी है। हालांकि उन्हें नई वोटर लिस्ट में जोड़ा गया है। बाद में इन नामों पर फैसले के बाद लिस्ट में बदलाव हो सकता है।
2021 चुनाव में 294 में 166 सीटों पर जीत का अंतर 25 हजार से कम था। इनमें टीएमसी ने 102, भाजपा ने 64 सीटें जीती थीं। 5,000 से कम अंतर वाली 36 सीटों में भाजपा 22, टीएमसी 13 जीती। ऐसे में एक-एक वोट अहम है। हालांकि 25 हजार से ज्यादा अंतर वाली 111 में 108, 50 हजार से ज्यादा अंतर वाली 43 सीटें टीएमसी जीती थी।


