जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को सेना की गाड़ी 400 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 10 जवानों की मौत हो गई, जबकि 11 को एयरलिफ्ट कर उधमपुर मिलिट्री हॉस्पिटल भेजा गया है।
सेना के अधिकारी ने बताया कि गाड़ी में 21 जवान सवार थे। सभी डोडा से ऊपरी पोस्ट पर जा रहे थे। भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर खन्नी टॉप के पास ड्राइवर ने गाड़ी से कंट्रोल खो दिया।
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि इस हादसे से दुखी हूं। इस घड़ी में पूरा देश शोक संतप्त परिवारों के साथ एकजुटता और समर्थन में खड़ा है।
घायल सैनिकों को एयरलिफ्ट करके अस्पताल पहुंचाया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों को बेहतरीन इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा जम्मू-कश्मीर के डोडा में हुए सड़क हादसे से मन अत्यंत व्यथित है। इस हादसे में हमने अपने जिन वीर जवानों को खोया है, उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दुखी परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। घायल सैनिकों को मेडिकल केयर मिल रही है और सबसे अच्छा इलाज पक्का करने के लिए सभी जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जान गंवाने वाले सैनिकों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। अब्दुल्ला ने त्वरित बचाव और निकासी प्रयासों की भी सराहना की।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि सेना का वाहन गहरी खाई में गिरने की वजह से कई जवानों की शहादत का समाचार अत्यंत दुखद है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें।
राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि डोडा से आई दुखद खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। मेरी गहरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायलों के जल्द ठीक होने के लिए प्रार्थना करती हूं।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हादसे पर कहा कि आर्मी की गाड़ी के एक्सीडेंट के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। हर मुमकिन मेडिकल मदद दी जा रही है। हमारे बहादुर जवानों के लिए गहरी श्रद्धा दिखाने के लिए कोई भी शब्द काफी नहीं है।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकियों की तलाश के दौरान 18 जनवरी को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान 8 जवान घायल हो गए थे। इनमें से एक जवान की 19 जनवरी को इलाज के दौरान मौत हो गई। शहीद जवान की पहचान हवलदार गजेंद्र सिंह के रूप में हुई थी।


