हिमाचल ( अतुल्य लोकतंत्र) भारतीय गुर्जर महासभा हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के मध्य बरठीं के नज़दीक कल्लर ,मलांगण , गंढीर/बल्हसीना विद्यालय के पास व झमराड़ीयाँ मोड़ तक मौजूद 750 बीघा समतल सरकारी जमीन मे प्रथम राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय इम्फ़ाल मणिपुर की तरह ओलंपिक स्तर की सुविधाओं से युक्त राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय (बल्हसीना ) जिला बिलासपुर मे खोलने की माँग की है।
उन्होंने कहा कि वे यह माँग नेता सदन राज्यसभा ,केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री भारत सरकार,राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी जगत प्रकाश नड्डा जी,माननीय केंद्रीय खेल मंत्री भारत सरकार श्री मनसुख माँडविया जी (मुख्य सरक्षक अखिल भारतीय गुर्जर महासभा ) माननीय नेता प्रतिपक्ष व पूरव मुख्यमंत्री(हिमाचल प्रदेश) श्री जय राम ठाकुर जी ,माननीय सांसद हमीरपुर संसदीय क्षेत्र व पूरव केंद्रीय खेल मन्त्री श्री अनुराग ठाकुर जी ,माननीय विधायक झंडुत्ता जिला बिलासपुर श्री जीत राम कटवाल जी से भी करवध प्रार्थना कर चुका हूं कि हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के (बल्हसीना )मे ओलंपिक लेवल की सुविधाओं से युक्त राष्ट्रीय खेल विश्व विद्यालय खुलवाया जाए।
उन्होंने अपने पत्र के माध्यम से कहा कि..माननीय महोदय मैंने केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को एक बात याद करवाने के साथ प्रार्थना की थी कि मुझेआपसे 2007 मे गोविंद सागर के तट से ऊपर आते समय रास्ते मे मिलने का सौभाग्य मिला था जबआप साठ सतर लोगों के साथ ऊपर आ रहे थे साथ मे इस समय के कैबिनेट मंत्री राजेश धर्मानी , पूर्व वन मंत्री रूप सिंह ठाकुर विधायक रणधीर शर्मा व अन्य वन अधिकारी भी साथ मे थे ।
अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने कहा है कि अखिल भारतीय गुर्जर महासभा हिमाचल प्रदेश इसके लिये सभी प्रदेश व जिला बिलासपुर निवासियों की ओर से व समस्त गुर्जर महासभा सदस्यों व गुर्जर विरादारी की ओर से आपका अति आभारी रहूँगा।
उन्होंने कहा है कि यदि यह खेल विश्वविद्यालय आपके द्वारा स्वीकृत किया जाता है तो इसका नामकरण अखण्ड हिंदुस्तान की रक्षा (सनातन धर्म की रक्षा ) खालसा पंथ व मानवता की रक्षा के लिये सरवंश दान करने वाले गुरु जी के नाम यानि की पूरे परिवार को अखण्ड हिंदुस्तान के लिए शहीद करवाने वाले गुरु कलगी धर श्री गोविंद सिंह जी (जन्म तिथि 22-12-1666 स्थान पटना बिहार अखण्ड हिंदुस्तान)के नाम पर रखा जाये।
गुरु गोविंद सिंह जी की प्रेरणा से ही गुरु परिवार के सदस्यों,लाखों सिंघों व अन्य देश भगतों ने समय समय पर क़ुर्बानियाँ देकर हिंदुस्तान मे मिशाल पेश की हैं ।


