असम सरकार कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान कनेक्शन मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय भेजेगी। असम कैबिनेट ने शनिवार को यह फैसला लिया। जिसके बारे में रविवार को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी।
असम सरकार कांग्रेस सांसद गौरव की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न का OCI/वीजा रद्द करने की मांग भी करेगी क्योंकि उनकी मौजूदगी भारत के लिए नुकसानदायक है।
असम CM का आरोप है कांग्रेस सांसद गौरव और उनकी पत्नी एलिजाबेथ, पाकिस्तानी एजेंट अली तौकीर शेख के बहुत करीब हैं। एक पाकिस्तानी फर्म ने गौरव की पत्नी को नौकरी दी, फिर उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया।
एलिजाबेथ भारत से जुड़ी कई जानकारियां इकट्ठा करती थीं और पाकिस्तानी नागरिक अली शेख को रिपोर्ट देती थीं। अली तौकीर शेख एलिजाबेथ को इस काम के लिए सैलरी देता था।
असम CM की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर गौरव गोगोई ने कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा ने मीडिया के सामने मंच पर खुद को शर्मिंदा किया। असम में कोई उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेता।
असम कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि हिमंता परिवार ने कथित तौर पर पूरे असम में 4,000 एकड़ जमीन कैसे हासिल की। उन्होंने कहा कि राज्य में भविष्य की कांग्रेस सरकार ऐसी जमीनों को गरीबों में बांट देगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिमंता ने बताया कि हमने मौजूदा सांसद गौरव गोगोई से पाकिस्तान कनेक्शन के बारे में पूछताछ नहीं की है। हमने उनके पद की गरिमा का सम्मान करते हुए यह मामला केंद्र पर छोड़ दिया है। हिमंता ने यह भी कहा कि अगर अब गौरव गोगोई को गिरफ्तार करने जैसा कदम उठाया तो मुझ पर असम विधानसभा चुनावों से पहले राजनीति करने का आरोप लगेगा।
CM सरमा ने कैबिनेट के फैसले के बाद कहा था कि पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख और ब्रिटिश नागरिक एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई से जुड़ी भारत विरोधी साजिश की जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी जाएगी।
सरमा ने कहा कि SIT जांच ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां केंद्र सरकार की मदद के बिना आगे बढ़ना संभव नहीं है, क्योंकि इंटरपोल से मदद, भारत सरकार और संसद से संवेदनशील जानकारी की जरूरत है। इसलिए यह तय किया गया है कि मामला गृह मंत्रालय की चुनी गई केंद्रीय सरकारी एजेंसी को सौंप दिया जाएगा।


