कोलकाता में चुनाव आयोग ने बुधवार को बताया कि पश्चिम बंगाल में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के दौरान जांच के दायरे में आए 32 लाख नामों में से 13 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं।
आयोग ने सोमवार को इन वोटरों के नाम की पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी की थी। ये “अंडर एडजुडिकेशन” थे यानी आयोग इनके दस्तावेजों की जांच कर रहा था।
आयोग के मुताबिक, 60 लाख से ज्यादा नाम अंडर एडजुडिकेशन रखे गए थे। इनमें अभी 32 लाख मामलों का निपटारा हुआ है, जबकि करीब 28 लाख मामले अभी भी लंबित हैं जिनकी जांच जारी है।
इधर, पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी होने के बाद बसीरहाट उत्तर विधानसभा क्षेत्र में तनाव फैल गया है। यहां बोरो गोबरा गांव के बूथ नंबर 5 के सभी 340 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब हैं।
सभी वोटर “अंडर एडजुडिकेशन” के तहत चिन्हित थे। हैरानी की बात यह है कि इसी बूथ के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मोहम्मद शफीउल आलम का नाम भी वोटर लिस्ट में नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आलम के पिता का नाम 2002 के SR (स्पेशल रिवीजन) में दर्ज था, इसके बावजूद उनका नाम हटाया जाना कई सवाल खड़े करता है।
बंगाल में इससे पहले SIR के दौरान लगभग 63 लाख नाम पहले ही हटाए जा चुके थे। इससे राज्य में कुल हटाए गए मतदाताओं की संख्या करीब 76 लाख तक पहुंच गई है।
बंगाल में SIR प्रक्रिया के एन्यूमरेशन फेज के बाद 58 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे राज्य के कुल मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.08 करोड़ रह गई थी।
बाद में 28 फरवरी को प्रकाशित सूची में यह संख्या और घटकर करीब 7.04 करोड़ रह गई। आयोग के अनुसार, आगे की सप्लीमेंट्री लिस्ट हर शुक्रवार को जारी की जाएगी। इससे कुल वोटरों की संख्या और घटने की संभावना है।
बंगाल में इससे पहले SIR के दौरान लगभग 63 लाख नाम पहले ही हटाए जा चुके थे। इससे राज्य में कुल हटाए गए मतदाताओं की संख्या करीब 76 लाख तक पहुंच गई है।
बंगाल में SIR प्रक्रिया के एन्यूमरेशन फेज के बाद 58 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे राज्य के कुल मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.08 करोड़ रह गई थी।
बाद में 28 फरवरी को प्रकाशित सूची में यह संख्या और घटकर करीब 7.04 करोड़ रह गई। आयोग के अनुसार, आगे की सप्लीमेंट्री लिस्ट हर शुक्रवार को जारी की जाएगी। इससे कुल वोटरों की संख्या और घटने की संभावना है।
पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश हो गई। इसमें वोटर 7.66 करोड़ से घटकर 7,04,59,284 रह गए हैं। यानी SIR से अब तक 63.66 लाख नाम हटे हैं, जो कुल मतदाताओं का 8.3% है। दिसंबर में जारी मसौदा सूची में 58 लाख से अधिक नाम हटे थे।


