राजस्थान में एक बार फिर हर पांच साल में सरकार बदलने का ट्रेंड जारी है। इस विधानसभा चुनाव में भाजपा बहुमत हासिल कर रही है। चुनाव आयोग के मुताबिक भाजपा 115 और कांग्रेस 69 सीटों पर आगे है, वहीं 15 सीटों पर अन्य उम्मीदवार आगे हैं। भाजपा 75, कांग्रेस 41 और अन्य ने 6 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है।
इस बीच कांग्रेस ने अपनी हार मान ली है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज शाम राजभवन जाकर इस्तीफा देंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी हार गए हैं। इसके साथ ही परसादी लाल मीणा, प्रताप सिंह खाचरियावास सहित कांग्रेस के 25 में से 17 मंत्री हार गए हैं। शांति धारीवाल जीत गए हैं।
नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया भी हार गए हैं। भाजपा ने जिन 7 सांसदों को चुनाव लड़ाया था, उनमें से 4 आगे और 3 पीछे चल रहे हैं और दोनों सांसद तीसरे नंबर पर चल रहे हैं। इस बार जनता ने फिर सरकार बदली है, लेकिन यह भी संयोग है कि विधानसभा अध्यक्ष समेत नेता प्रतिपक्ष और उप नेता प्रतिपक्ष दोनों ही हार गए हैं।
चुनाव नतीजों पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि राजस्थान की शानदार जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दी हुई गारंटी की जीत है। वहीं हार स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि काम करने के बाद भी हम कामयाब नहीं हुए, इसका मतलब यह नहीं है कि वे काम न करें। यह अप्रत्याशित परिणाम है। वहीं राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि नतीजे स्वीकार करते हैं, विचारधारा की लड़ाई जारी रहेगी।


