लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा अध्यक्ष के चुनाव में हो रही देरी पर तंज कसा।
अखिलेश ने कहा- भाजपा में एक मुकाबला चल रहा है कि कौन बड़ा है। जो पार्टी यह कहती हो कि वह दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है, वह यह नहीं तय कर पा रही कि पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा।
इस पर गृह मंत्री अमित शाह अपनी सीट से उठे और हंसते हुए कहा- सामने जितनी पार्टियां हैं, उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष सिर्फ 5 लोगों को चुनना है, परिवार को। हमारे यहां करोड़ों लोग हैं। समय तो लगेगा ही।
अखिलेश जी ने यह बात हंसते हुए कही, इस वजह से मैं भी हंसते हुए कह रहा हूं। आपके (अखिलेश के) यहां जरा भी देर नहीं लगेगी। मैं कहता हूं आप 25 साल तक अध्यक्ष हो.. जाओ..।
इसके बाद अखिलेश ने हंसते हुए फिर कहा- अभी जो यात्रा हुई है नागपुर की और गुपचुप जो सोशल मीडिया पर चल रही है। वह 75 साल के एक्सटेंशन की यात्रा तो नहीं है।
प्रधानमंत्री मोदी 30 मार्च को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में शामिल होने नागपुर गए थे। अखिलेश का इशारा इसी दौरे को लेकर था।
बिरला बोले- अखिलेश जी, वक्फ के मुद्दे पर भी आ जाओ
संसद में अखिलेश यादव अपनी बात रखते कभी महाकुंभ तो कभी नोटबंदी पर बोलने लगे। इसके बाद महंगाई, गंगा सफाई और किसानों की समस्याएं बताने लगे। उन्हें इन मुद्दों पर बोलते-बोलते 5 मिनट हो गया, तभी स्पीकर ओम बिरला को टोकना पड़ा। कहा- ‘अखिलेश जी, वक्फ के मुद्दे पर भी आ जाओ।’
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन बोले- पिछलग्गू पार्टी के नेता का बयान वायरल
JDU सांसद और केंद्र सरकार में पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा- ये नैरेटिव बनाने का प्रयास किया जा रहा है कि ये बिल मुसलमान विरोधी है। ये बिल कहीं से मुसलमान विरोधी नहीं है।
उन्होंने कहा- कांग्रेस की पिछलग्गू पार्टी के नेता का बयान वायरल हो रहा है, जिन्होंने कहा था- पटना का चौराहा पूरा वक्फ ने कब्जा कर रखा है, कड़ा कानून बनना चाहिए। किरण रिजिजू का धन्यवाद कि देश की संसद, सुप्रीम कोर्ट को वक्फ की संपत्ति बनने से बचा लिया।


