भाजपा ने शुक्रवार को संसद में सांसद प्रियंका गांधी को ‘1984’ लिखा बैग गिफ्ट किया। बैग पर 1984 को खून से रंगा दिखा गया। ऐसा माना जा रहा है कि इसके जरिए 1984 के सिख दंगों की याद दिलाई गई।
दरअसल, पिछले दिनों संसद में प्रियंका की बैग पॉलिटिक्स चर्चा रही। वे कभी मोदी-अडाणी भाई-भाई, बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों (हिंदुओं) के समर्थन से जुड़े बैग लिए नजर आईं तो कहीं फिलिस्तीन लिखा बैग लेकर भी पहुंचीं।
प्रियंका को ओडिशा की सांसद अपराजिता ने बैग सौंपा
ओडिशा के भुवनेश्वर से सांसद अपराजिता सारंगी ने प्रियंका को 1984 लिखा बैग दिया। अपराजिता संसद परिसर प्रियंका का इंतजार करती दिखीं। जैसे ही आने की जानकारी मिली, वे पीछा करते हुए प्रियंका के पास पहुंचीं और बैग सौंप दिया। प्रियंका ने बैग लेकर रख लिया और आगे बढ़ गईं।
16 दिसंबर: बैग पर फिलिस्तीन के प्रतीक चिह्न
प्रियंका गांधी के बैग पर लिखा था, ‘फिलिस्तीन आजाद होगा।’ हैंड बैग पर शांति का प्रतीक सफेद कबूतर और तरबूज भी बना था। इसे फिलिस्तीनी एकजुटता का प्रतीक माना जाता है।
17 दिसंबर: बैग पर लिखा था- बांग्लादेश हिंदू-ईसाइयों साथ खड़े रहो
प्रियंका ‘बांग्लादेशी हिंदुओं और ईसाइयों के साथ खड़े हों’ बैग लेकर पहुंची थी। इस पर मुट्ठी बांधे हुए 2 हाथ और उड़ते हुए पक्षी बने थे।
बैग पॉलिटिक्स पर प्रियंका ने कहा- मैं जो चाहूंगी, वहीं पहनूंगी
प्रियंका ने सवाल उठाने वालों से कहा था- मैं कैसे कपड़े पहनूंगी, इसे कोई और तय नहीं करेगा, बरसों से चल रही रूढ़वादी पितृसत्ता को मैं नहीं मानती, मैं जो चाहूंगी, वही पहनूंगी। उधर केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने सोशल मीडिया पर प्रियंका के बैग को लेकर एक कविता पोस्ट की थी और कहा था- आपके पैस बैग ही बैग हैं। आपको इतने बैग की जरूरत क्यों है इन बैग में क्या है।


