दिल्ली विधानसभा भवन, दिल्ली सचिवालय और लाल किले को बम ब्लास्ट में उड़ाने की धमकी दी गई है। सोमवार को खालिस्तानी ग्रुप का धमकी वाला ईमेल भेजा गया।
जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हुईं, विधानसभा भवन की सर्चिंग की गई। बम स्क्वाड और डॉग स्क्वॉड सर्च में जुटीं लेकिन कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
वहीं, लाल किला की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। इससे पहले दिल्ली स्थित धौला कुआं के आर्मी पब्लिक स्कूल और लोधी रोड के एयरफोर्स बाल भारती स्कूल को ईमेल के जरिए धमकी दी गई थी।
जानकारी मिलने पर दिल्ली पुलिस, बम स्क्वाड, डॉग स्क्वॉड और दिल्ली फायर सर्विस की टीमें स्कूल पहुंची थी। पूरा कैंपस खाली कराया गया। जांच में कुछ भी नहीं मिला था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि ईमेल में दिल्ली बनेगा खालिस्तान की धमकी दी गई थी। लिखा था कि अगले 3 दिनों के भीतर आर्मी स्कूल, लाल किला और मेट्रो स्टेशनों पर विस्फोट हो सकते हैं। ईमेल में विधानसभा, आर्मी स्कूल और लाल किले के लिए अलग-अलग समय भी लिखा था।
धमकी के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के सभी स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। मेट्रो स्टेशनों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर एंटी-सैबोटाज जांच, रैंडम चेकिंग और यात्रियों की तलाशी की जा रही है।
बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमों को लाल किला, दिल्ली सचिवालय और विधानसभा परिसर सहित कई संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। इसके अलावा, सीसीटीवी निगरानी बढ़ा दी गई है और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बैठकें भी की गई हैं।
पुलिस ने बताया कि साइबर टीमें ईमेल भेजने वालों का पता लगाने के लिए आईपी एड्रेस ट्रेस करने की कोशिश कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी जांच को गुमराह करने के लिए वीपीएन (VPN) का इस्तेमाल कर रहे हैं।
नोएडा के 12 स्कूलों को 19 फरवरी को बम से उड़ाने की धमकी का ईमेल आया था। जांच करने पर किसी भी प्रकार का विस्फोटक नहीं मिला। यह धमकी ऐसे समय मिली जब स्कूलों में CBSE की परीक्षाएं जारी थी।
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बैंच को 19 फरवरी को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। यह पिछले साढ़े तीन महीने में जयपुर बैंच को 9वीं बार दी गई बम की धमकी थी।
डॉग स्क्वायड, बम स्क्वायड और पुलिस टीम ने पूरे परिसर की तलाशी ली पर कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। अफरातफरी के कारण नियमित सुनवाई करीब आधे घंटे देरी से शुरू हुई थी।गुजरात की 6 अदालतों को 17 फरवरी को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इनमें गांधीनगर, अहमदाबाद, वडोदरा, वलसाड समेत 6 जिला अदालतों को ईमेल आए थे। सभी कोर्ट के कैंपस खाली कराए गए थे पर पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।


