देशभर में 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाई गई। इस दौरान कुछ राज्यों से हंगामे की खबर भी आई।
कर्नाटक के बागलकोट में शिवाजी जयंती पर निकाले जा रहे जुलूस के दौरान पथराव हुआ। इसके बाद तनाव की स्थिति बन गई। यहां भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 के लागू की गई।
हैदराबाद में गुरुवार रात मस्जिद के सामने से जुलूस निकालने पर दो समुदाय के बीच विवाद की स्थिति बनी। यहां पहले एक यूट्यूबर से मस्जिद की रिकॉर्डिंग को लेकर विवाद हुआ।
इसी दौरान मस्जिद के सामने से जुलूस निकालने पर दोनों समुदाय आमने-सामने आ गए। पुलिस ने किसी तरह स्थिति संभाली और लोगों को मौके से हटाया।
बागलकोट में गुरुवार रात करीब 10 बजे शिवाजी जयंती का जुलूस निकाला जा रहा था। जब वह पानका मस्जिद इलाके से गुजरा, तभी उस पर पत्थर और चप्पल फेंके गए। बागलकोट एसपी सिद्धार्थ गोयल ने कहा कि पथराव में पुलिसकर्मी घायल हुआ।
एसपी ने कहा कि पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही है। फुटेज की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। इलाके में 24 फरवरी की आधीरात तक BNS की धारा 163 लागू रहेगी। इलाके में स्थिति कंट्रोल में है।
घटना के चश्मदीद उमेश के मुताबिक जुलूस के दौरान मस्जिद के पास घटना हुई। करीब 8-10 लोगों ने वहां पत्थर और चप्पल फेंके। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
हैदराबाद के अंबरपेट में गुरुवार रात एक यूट्यूबर जामा मस्जिद के पास वीडियो बना रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। दावा है कि यूट्यूबर से मारपीट हुई।
इसी दौरान घटना मस्जिद के सामने से छत्रपति शिवाजी महाराज की शोभायात्रा भी गुजर रही थी। इस कारण दोनों समुदाय के बीच और हंगामा हो गया। दोनों समुदाय ने जमकर नारेबाजी की।
स्थिति बिगड़ने लगी तो ज्यादा पुलिसफोर्स मौके पर बुलाया गया। भीड़ को मौके से हटाया गया। इस दौरान आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।
पुणे के जुन्नर इलाके में 18 फरवरी की रात शिवनेरी किले पर भगदड़ मचने से 3 लोग घायल हो गए थे। ये सभी छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर किला पहुंचे थे। लोग हाथी दरवाजा और गणेश दरवाजा से किले के अंदर जा रहे थे। रास्ता संकरा होने से भीड़ जमा हो गई। फिर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।


