चीफ इलेक्शन कमिश्नर(CEC) ज्ञानेश कुमार ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चेन्नई में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कॉन्फ्रेंस ने शुक्रवार को कहा कि तमिलनाडु में एक फेज में ही चुनाव होगा। उन्होंने कहा कि इसपर आखिरी फैसला जल्द करेंगे।
CEC ने कहा कि तमिलनाडु इलेक्शन में रिकॉर्ड बनाएगा और बिहार से बहुत बेहतर होगा। उन्होंने राज्य के सभी वोटरों से आने वाले विधानसभा चुनावों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि हाल ही में राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(SIR) कराया गया है। इसके बाद वर्तमान में यहां 5 करोड़ 67 लाख वोटर हैं। यहां 75,000 पोलिंग स्टेशन होंगे, जिनमें से 44,000 ग्रामीण इलाकों में होंगे। ट्रांसपेरेंसी पक्का करने के लिए हर पोलिंग बूथ पर 100% वेबकास्टिंग होगी।
हाल ही में चुनाव आयोग ने एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया। इसमें 72 देशों के चीफ इलेक्शन कमिश्नर, इलेक्शन कमिश्नर और चुनावी स्टाफ ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में तमिलनाडु के 10वीं सदी के “कुडावोलाई सिस्टम” के बारे में जानकारी दी गई।
आयोग पिछले कुछ दिनों से तमिलनाडु में है। जिला कलेक्टर, SP, DIG, IG, 24 प्रवर्तन एजेंसियों, राज्य सरकार, चीफ सेक्रेटरी और DGP के साथ तैयारियों की समीक्षा की गई।
27 अक्टूबर 2025 से 23 फरवरी 2026 तक SIR किया गया। उद्देश्य था कि कोई भी योग्य मतदाता छूटे नहीं और कोई अयोग्य व्यक्ति शामिल न हो। राज्य में कुल 5 करोड़ 67 लाख मतदाता हैं।
हर पोलिंग स्टेशन पर औसतन 756 मतदाता होंगे। 258 बूथ पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित होंगे। 47 बूथ दिव्यांगों द्वारा संचालित होंगे। 265 मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
चुनाव आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने का भरोसा दिया। सभी प्रवर्तन एजेंसियों को सख्ती से काम करने और वोटरों को लालच देने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया।
चुनाव आयोग (ECI) ने सोमवार को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) 2026 के तहत तमिलनाडु की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश कर दी है। इसके मुताबिक राज्य में अब कुल 5.67 करोड़ वोटर के नाम हैं। इस प्रोसेस में करीब 74 लाख लोगों के नाम काटे गए हैं।
चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,14,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली SIR में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं जिसके बाद राज्य में 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं। राज्य में इसी साल चुनाव होने हैं।
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व AIADMK नेता ओ पन्नीरसेल्वम (ओपीएस) ने शुक्रवार को DMK का दामन थाम लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की मौजूदगी में पार्टी जॉइन की। यह कदम अप्रैल-मई में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले उठाया गया है। तीन बार सीएम रहे पन्नीरसेल्वम जे जयललिता के करीबी ओ.पन्नीरसेल्वम पहली बार 2001 में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने थे।


