लोकसभा में मंगलवार दोपहर से ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा जारी है। लोकसभा के नेता विपक्ष कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा- पहलगाम में लोगों की निर्दयता के साथ हत्याएं की गईं। हम अपनी सरकार-सेना के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं।
उन्होंने कहा- राजनैतिक काम करते हुए हम पूरे देश में जाते हैं। लोगो से मिलते हैं दुख में सुख में। जब भी मैं सेना के किसी शख्स के घर जाता हूं जैसे ही हाथ मिलाता हूं तो पता लग जाता है कि हिंदुस्तान की फौज में है। इसको कहीं भी भेज दो ये देश के लिए लड़ने-मरने के लिए तैयार हैं।
राहुल से पहले प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि लोग सरकार के भरोसे पहलगाम गए थे, लेकिन सरकार ने उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया। पहलगाम में जब लोगों को मारा जा रहा था, तब वहां एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं दिखा। प्रधानमंत्री ऑपरेशन सिंदूर का श्रेय लेने आगे आ जाते हैं, जिम्मेदारी लेने क्यों नहीं आते।
प्रियंका से पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र से सवाल किया- सरकार बताए कि पाकिस्तान के पीछे कौन सा देश है। हमें चीन से उतना ही खतरा है, जितना आतंकवाद से हैं। जिन एयरक्राफ्ट को नींबू-मिर्च लगाकर पूजा, वे कितने उड़े थे?
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की शुरुआत करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि जिन आतंकियों ने पहलगाम में बायसरन घाटी में 26 पर्यटकों को मारा था, ऑपरेशन महादेव में सोमवार को उन्हें ढेर कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि आतंकियों के नाम सुलेमान, फैजल अफगान और जिब्रान हैं। सुलेमान लश्कर का कमांडर था। इसके ढेरों सबूत हैं। अफगान और जिब्रान A श्रेणी के आतंकी थे। आतंकियों की मदद करने वाले 2 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
भास्कर ने सबसे पहले बताए आतंकियों के नाम और पहचानभास्कर ने अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में कश्मीर के लिडवास एरिया के जंगलों में मारे गए आतंकियों की पहचान और पहलगाम हमले में उनके शामिल होने की जानकारी दी थी। इसमें बताया था कि सुलेमान के साथ मारे गए बाकी दो आतंकी जिब्रान और हमजा उर्फ फैजल अफगानी हैं। तीनों पाकिस्तान के रहने वाले थे।


