असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने गुरुवार को कहा कि मैंने राहुल गांधी से कहा कि मैं पार्टी में अपमानित महसूस कर रहा हूं। तो उन्होंने कहा कि वह भी अपमानित हैं। फिर मेरे अपमान की क्या कीमत रह जाती है? मैं इतना अपमान सहने की क्षमता नहीं रखता।
बोरा ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा कि इस्तीफे के बाद राहुल गांधी ने उन्हें फोन किया था। उसी दौरान राहुल गांधी से ये बातचीत हुई थी।
भूपेन बोरा ने सोमवार को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया था। इसके बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने बोरा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि वे 22 फरवरी को पार्टी की सदस्यता लेंगे।
बोरा ने कहा कि किया प्रियंका गांधी के असम दौरे से पहले 9 तारीख को बैठक हुई थी, जिसमें तय हुआ था कि जल्द गठबंधन बनाया जाए और इसकी जिम्मेदारी उन्हें दी गई थी। प्लान था कि प्रियंका गांधी के पहुंचने पर सभी दल मिलकर गठबंधन की घोषणा करेंगे।
बोरा ने दावा किया कि गौरव गोगोई ने गठबंधन इसलिए तोड़ा क्योंकि गठबंधन सरकार बनने पर वह मुख्यमंत्री नहीं बन पाते। कई सीनियर नेताओं का भी अपमान हुआ है। अब पार्टी उन्हें मनाने की कोशिश करेगी।
असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने आरोप लगाया था कि बोरा ने भाजपा में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से 50 करोड़ रुपए लिए हैं। इस पर बोरा ने कहा कि अगर कोई मुझे 50 करोड़ रुपए देगा, तो मैं प्रेस के सामने लूंगा।
बोरा ने कहा कि उनके पिता का सपना एक स्टेडियम बनाने का था। इसके लिए 12 बीघा जमीन अलग रखी गई थी। मैं दो बार विधायक रहा, लेकिन यह सपना पूरा नहीं कर सका। मेरे पिता का 2019 में निधन हो गया।
बोरा ने कहा कि आधुनिक स्टेडियम बनाने के लिए 50 करोड़ रुपए भी पर्याप्त नहीं होंगे, लेकिन यदि इतनी राशि मिलती है तो वह काम शुरू कर देंगे।
असम में 126 विधानसभा सीटों पर मार्च-अप्रैल में चुनाव होने की संभावना है। भूपेन बोरा राज्य में कांग्रेस के बड़े नेता थे। वे 32 साल से कांग्रेस से जुड़े थे। वे 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं और दो बार विधायक रह चुके हैं। बोरा 2026 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर बिहपुरिया या रंगनदी से चुनाव लड़ सकते हैं।


