कोलकाता में लॉ कॉलेज की स्टूडेंट से गैंगरेप मामले के 3 आरोपियों को कोर्ट ने शुक्रवार को 10 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया। पुलिस ने 26 जून को 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी शुक्रवार सुबह हुई। घटना 25 जून को हुई थी।
पुलिस के मुताबिक, वारदात कॉलेज के ग्राउंड फ्लोर के गार्ड रूम में हुई। आरोपियों में मोनोजीत मिश्रा (31), जैब अहमद (19) और प्रमित मुखर्जी (20) शामिल हैं। मोनोजीत मुख्य आरोपी है और कॉलेज का पूर्व छात्र है। बाकी के दो 2कॉलेज के छात्र हैं।
भाजपा ने मोनोजीत के तृणमूल कांग्रेस के छात्र संगठन से जुड़े होने का दावा किया। टीएमसी ने इसे माना, लेकिन कहा कि मोनोजीत सक्रिय सदस्य नहीं है। पीड़ित ने FIR में लिखाया है कि मोनोजीत ने शादी का ऑफर दिया था, लेकिन मैंने मना कर दिया था। जब आरोपियों ने मुझे गार्ड रूम में बंद किया तब मैंने उनके पैर पकड़कर बाहर जाने का बोला था।
पहले समझिए मामला क्या है
पुलिस की FIR के मुताबिक, घटना साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज की है। कैंपस के एक गार्ड रूम में गैंगरेप बुधवार शाम 7:30 बजे से रात 10 बजे के बीच किया गया। पीड़ित की शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने पहले मुझे कॉलेज में रुकने के लिए कहा। इसके बाद ग्राउंड फ्लोर के एक कमरे में ले गए, जहां आरोपियों ने रात करीब 10 बजे तक उसके साथ दुष्कर्म किया।’
पीड़ित ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है, ‘सामूहिक दुष्कर्म के दौरान रिकॉर्डिंग भी की गई। बाद में मुझे धमकी दी कि अगर मैंने किसी से इस घटना के बारे में बात की तो वे वीडियो को इंटरनेट पर वायरल कर देंगे।’
सभी आरोपियों के मोबाइल जब्त
पुलिस के मुताबिक, दो आरोपी मोनोजित मिश्रा और जैब अहमद को 26 जून को शाम 7:20 और 7:35 बजे के बीच सिद्धार्थ शंकर राय शिशु उद्यान के पास से पकड़ा गया। दोनों के मोबाइल फोन पुलिस ने बरामद कर लिए हैं।
तीसरे आरोपी प्रमित मुखर्जी को 27 जून की रात 12:30 बजे उसके घर से गिरफ्तार किया गया और उसका मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।
कॉलेज की उप-प्राचार्या डॉ. नयना चटर्जी ने बताया कि मुख्य आरोपी मोनोजीत कॉलेज का पूर्व छात्र और वकील है। उसे संस्थान की गवर्निंग बॉडी ने अस्थायी नियुक्ति दी गई थी।


