लखीमपुर खीरी/ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखीमपुर खीरी के लोगों को बड़ी सौगात दी। महात्मा ज्योतिबा फुले व महाराणा सांगा के जन्मदिवस के एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जनपद में माफिया पालने वाली पेशेवर अपराधियों की सरकार महाराणा प्रताप व महाराणा सांगा के वंशजों पर अत्याचार और झूठे मुकदमे दर्ज करती थी।
मुख्यमंत्री ने चंदन चौकी (पलिया) में आयोजित कार्यक्रम में नदियों द्वारा भूमि क्षरण से प्रभावित पूर्वी उत्तर प्रदेश के 2350 परिवारों व थारू जनजाति के 4356 परिवारों को भौमिक अधिकार पट्टों का आवंटन किया और पलिया, श्रीनगर, निघासन व गोला गोकर्णनाथ विधानसभा क्षेत्रों की 817 करोड़ रुपये की 314 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। सीएम ने थारू जनजाति के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुति देखी और अपनी संस्कृति को बचाकर रखने के लिए उनकी सराहना भी की।
सीएम योगी ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए लोगों ने देश की आजादी के लिए सब कुछ खोया। ब्रिटिशरों ने इन्हें यातनाएं (काला पानी, देशनिकाला, फांसी) दीं। आजादी के बाद तत्कालीन सरकार ने उन्हें बसाया तो, लेकिन जमीन का हक उपलब्ध नहीं कराया। देश की आजादी में योगदान देने वाले लोग आजाद भारत में अपने अधिकार से वंचित थे। 1976 में थारू समाज को इन गांवों में जमीन देने की बात कही गई थी, लेकिन उन्हें जमीन का स्वामित्व नहीं मिला। 1955 में पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को भी मालिकाना हक नहीं मिल पाया।
4356 थारू परिवारों को 5338 हेक्टेयर भूमि और 2350 परिवारों को 4251 हेक्टेयर भूमि का मिल रहा भौमिक अधिकार
सीएम ने कई दशकों से इन लोगों की सुनवाई न होने पर पिछली सरकारों को जमकर आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में संवेदना का अभाव था। ये लोग परिवारवाद से ऊपर उठते तो थारू व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों के बारे में सोच पाते, लेकिन समाज को बांटने व संसाधनों पर डकैती डालने वालों से अधिकार मिलने की उम्मीद करना बेमानी है। उन्होंने कर्फ्यू थोपे, माफिया-गुंडे पाले और नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, लेकिन जिस जमीन पर आप खेती करते हैं, आपकी फसल लहलहाती है। जिस जमीन पर आपने सपने बोए थे, उसे आकार देने के लिए डबल इंजन सरकार खड़ी है। आज 4356 थारू परिवारों को 5338 हेक्टेयर भूमि का अधिकार पत्र सौंपा गया है। 1955 में पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए लोगों को तत्कालीन सरकार में हक नहीं मिला, लेकिन ऐसे 2350 परिवारों को आज 4251 हेक्टेयर भूमि का भौमिक अधिकार मिल रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि थारू समाज को सरकार लाभार्थी से उद्यमी बनाएगी। खीरी में स्थापित थारू हस्तशिल्प कंपनी उसी सोच का प्रतीक है। थारू समाज के उत्पाद अब राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचेंगे। उन्हें वैश्विक मान्यता मिलेगी।


