लोकसभा चुनाव 2024 के बाद दूसरी बार I.N.D.I.A. गठबंधन के नेता 19 जुलाई (शनिवार) शाम को बैठक करने वाले हैं। इसमें तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) शामिल नहीं होंगी।
सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन समेत कई नेताओं से बात की है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी सभी दलों के नेताओं को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर होने वाली इस बैठक में बुलाया है।
ये बैठक ऐसे वक्त हो रही है जब मानसून सत्र शुरू होने वाला है और बिहार में मतदाता सूची की विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) को लेकर घमासान मचा है।
I.N.D.I.A की आखिरी बैठक इसी साल 3 जून को हुई थी। इसमें केंद्र सरकार से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग हुई थी। वहीं, इससे पहले 5 जून 2024 को लोकसभा चुनाव को लेकर मीटिंग हुई थी।
क्यों नहीं आएंगे तृणमूल और AAP
तृणमूल कांग्रेस 21 जुलाई को ‘शहीद दिवस’ मना रही है, इसलिए उसके नेता कोलकाता में बिजी रहेंगे। वहीं AAP गुजरात और दूसरे राज्यों में अपने विस्तार अभियान में जुटी है। AAP ने कांग्रेस से कई राज्यों में सीधी लड़ाई का रास्ता चुना है और पार्टी का कहना है कि I.N.D.I.A. गठबंधन सिर्फ लोकसभा चुनाव तक सीमित था।
हालांकि, विपक्षी नेताओं का कहना है कि संसद में विपक्ष एकजुट रहेगा, भले ही कुछ दल बैठक में न आएं।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसी साल जनवरी में इंडिया अलायंस खत्म करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि लोकसभा चुनाव के बाद इसकी कोई बैठक नहीं हुई है। यह गठबंधन लोकसभा चुनाव तक ही था तो इसे खत्म कर देना चाहिए। इसके पास न कोई एजेंडा है और न ही कोई लीडरशिप।
ममता ने कहा था- INDIA ब्लॉक मैंने बनाया, मौका मिला तो लीड करूंगी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हरियाणा-महाराष्ट्र और उपचुनावों में INDIA ब्लॉक के खराब प्रदर्शन को लेकर 7 दिसंबर 2024 को नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था, ‘मैंने INDIA गठबंधन बनाया। इसका नेतृत्व करने वाले इसे ठीक से नहीं चला सकते, तो मुझे मौका दें। मैं बंगाल से ही गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए तैयार हूं।’
ममता बनर्जी के बयान का शिवसेना (UBT), सपा ने समर्थन किया था। इस पर भाजपा ने कमेंट किया था, ‘विपक्ष के नेताओं को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व पर भरोसा नहीं है। वे अब भी राहुल को राजनीति का कच्चा खिलाड़ी समझते हैं।’


