NCERT की किताब में मोहम्मद अली जिन्ना, कांग्रेस पार्टी और लॉर्ड माउंटबेटन को भारत-PAK बंटवारे का दोषी बताया गया है। इसको लेकर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि हिंदू महासभा और मुस्लिम लीग की जुगलबंदी से बंटवारा हुआ है। उन्होंने कहा,
दरअसल, NCERT ने कक्षा 6 से 8 और 9 से 12 के लिए भारत-PAK बंटवारे पर 2 नए मॉड्यूल जारी किए हैं। ये सामान्य किताबों से अलग हैं। इसमें लिखा है कि बंटवारे की मांग मोहम्मद अली जिन्ना ने की, कांग्रेस ने इसे मान लिया और लॉर्ड माउंटबेटन ने इसे लागू किया। यह जानकारी “विभाजन के दोषी” नामक हिस्से में दी गई है।
NCERT विवाद में नेताओं की बयानबाजी
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव- अगर इतिहास के पन्ने पलटकर देखेंगे तो उसमें कई बाते लिखी हैं कि किस-किस ने माफी मांगी थी, सब सामने आ जाएगा।”
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित- मैं NCERT को बहस की चुनौती देता हूं। आज एनसीईआरटी बीजेपी के कब्जे में है, जिन्हें बंटवारे के बारे में कुछ पता ही नहीं है।
आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा- इतिहास किसी की सोच से नहीं बदलता, उसका पूरा संदर्भ होता है। ये लोग गांधी को भी दोषी ठहराते हैं, कांग्रेस को नहीं। यही इनकी सोच है। भाजपा को नफरत की भाषा ही आती है और ये नफरत के बीज बोने में माहिर हैं। लेकिन अब ये फसल हमारे देश में नहीं उगने वाली।
बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला- NCERT के बंटवारे वाले मॉड्यूल की जानकारी मिली है। सच यह है कि उस समय सत्ता में मुस्लिम लीग, नेहरू की अगुआई वाली कांग्रेस और माउंटबेटन थे। बंटवारा रोक सकते थे तो या मुस्लिम लीग या कांग्रेस। नेहरू के बंटवारे के पक्ष में बयान भी हैं।
बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया- यह कहना गलत नहीं होगा कि जिन्ना और राहुल की सोच एक जैसी है और दोनों एक-दूसरे के पर्याय बन गए हैं। हम सब जानते हैं कि अखंड भारत का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ था। जिन्ना की जहरीली सोच, तुष्टिकरण और सांप्रदायिकता वही सोच आज नकली गांधी यानी राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी में दिखाई देती है।


