फरीदाबाद। 39 वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव-2026 के अंतर्गत मंगलवार को मुख्य चौपाल पर आयोजित देसी और विदेशी कलाकारों की शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मेले का माहौल उत्सवमय बना दिया। अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुतियों को देखने के लिए चौपाल दर्शकों से खचाखच भरा रहा और पर्यटक मस्ती में झूमते नजर आए। विभिन्न भारतीय राज्यों के लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों को भी दर्शकों ने खूब सराहा। मेले के दौरान मुख्य चौपाल पर मालवी, युगांडा, जाम्बिया और इथियोपिया सहित कई देशों के लोक कलाकारों के साथ भारतीय सांस्कृतिक दलों ने आकर्षक प्रस्तुतियां दीं।
विदेशी कलाकारों ने अपने देश की लोक संस्कृति, पारंपरिक संगीत और नृत्य के माध्यम से रंगारंग छटा बिखेरी, वहीं भारतीय समूहों ने अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। देश और विदेश की लोक परंपराओं को मंच पर जीवंत करते हुए कलाकारों ने अपनी गायकी और नृत्य में सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक गाथाओं और देशभक्ति की भावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। पारंपरिक शैली में पेश किए गए कार्यक्रमों ने दर्शकों को अपनी जड़ों से जोडऩे का कार्य किया। लोक धुनों, सशक्त गायन और मनमोहक प्रस्तुतियों से मुख्य चौपाल तालियों की गूंज से भर उठी। बड़ी संख्या में मौजूद पर्यटकों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया और कलाकारों की जमकर सराहना की। इन प्रस्तुतियों ने सूरजकुंड मेले की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करते हुए सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया।


