अमेरिका और इजराइल ने मंगलवार को ईरान के खार्ग आइलैंड पर हमला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां ऑयल टर्मिनल को निशाना बनाया गया है।
ईरान के करीब 80 से 90% कच्चे तेल का निर्यात खार्ग आइलैंड से होता है। यहां बड़े तेल टर्मिनल, पाइपलाइन, स्टोरेज टैंक और जहाजों में तेल भरने की फैसिलिटी मौजूद हैं। इसे हर दिन करीब 70 लाख बैरल तक तेल जहाजों में भरा जा सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कुछ दिन पहले धमकी दी थी कि अगर ईरान ने मंगलवार रात 8 बजे (अमेरिका समयानुसार) तक होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला तो उसके जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जाएगा। अभी इस डेडलाइन को खत्म होने में 12 घंटे बाकी हैं।
वहीं ईरानी सेना ने कहा कि अब वे चुप नहीं बैठेंगे। अमेरिका और उसके साथियों के ठिकानों पर हमला किया जाएगा।
ट्रम्प ने ईरान को 1 रात में तबाह करने की धमकी दी
ट्रम्प ने कहा है कि ईरान को “एक ही रात में खत्म किया जा सकता है।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान तय समय से पहले अमेरिका से समझौता नहीं करता, तो कार्रवाई कभी भी हो सकती है और यह मंगलवार रात भी हो सकती है।
ट्रम्प की शर्त है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को खोले। यह वही रास्ता है, जहां से दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई गुजरती है। इसके लिए उन्होंने मंगलवार रात 8 बजे (वॉशिंगटन समय) तक की डेडलाइन दी है, जो भारत में बुधवार सुबह 5:30 बजे होती है।


