कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दिल्ली में आयोजित एआई इम्पेक्ट समिट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी की है।
उन्होंने शुक्रवार को X पोस्ट में लिखा कहा- MODI गर्वेंनेंस का मतलब ‘मैक्सिमम ऑप्टिक्स डैमेजिंग इंडिया, यानी भारत को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचा रहे है।
उन्होंने लिखा कि अमेरिका-पाकिस्तान बीच रोमांस बिना रुके जारी है। जब ये हो रहा था तब खुद को ‘विश्वगुरु’ बताने वाले संक्षिप्त शब्दों में दुनिया को ज्ञान दे रहे थे और CEOs को अपनी एकजुटता दिखाने के लिए मजबूर कर रहे थे।
रमेश का कमेंट पीएम मोदी का समिट में आए ग्लोबल टेक लीडर्स के साथ हाथ उठाकर फोटो खिंचाने पर आया है। इधर 19 फरवरी को वॉशिंगटन डीसी में बोर्ड ऑफ पीस इवेंट में पाकिस्तान के पीएम और अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प की मीटिंग हुई।
सम्मिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दुनिया के दिग्गज नेताओं और टेक कंपनियों के प्रमुख ग्रुप फोटो के लिए मंच पर आए। मंच पर पीएम मोदी के साथ OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन, एआई एक्सपर्ट्स और अन्य वैश्विक टेक लीडर्स मौजूद थे।
ग्रुप फोटो के दौरान सभी नेताओं ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर ऊपर उठाया। पीएम मोदी के दोनों ओर खड़े नेताओं ने उनका हाथ थामा, लेकिन OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने पास खड़े एंथ्रोपिक CEO डारियो अमोदेई का हाथ नहीं पकड़ा। बाद में सैम ऑल्टमैन ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आया कि उस समय क्या करना था।
बताया जा रहा है कि OpenAI के अंदर पहले भी मतभेद सामने आ चुके हैं। 2021 में कंपनी के भीतर कुछ फैसलों और साझेदारी को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी।
माइक्रोसॉफ्ट के साथ OpenAI के समझौतों और कंपनी की दिशा को लेकर मतभेद की खबरें सामने आई थीं।
इन घटनाओं के बाद कंपनी के अंदर नेतृत्व और फैसलों को लेकर कई बदलाव हुए और नए प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू किया गया।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के चौथे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI के सुरक्षित इस्तेमाल का नया फॉर्मूला दिया था। पीएम ने कहा था कि जैसे खाने के पैकेट पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ होना चाहिए ताकि फर्क पता चल सके।अगर कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो एआई की मदद से बनाया गया है, तो उस पर ‘लेबल’ लगाना जरूरी कर दिया गया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट को शिकायत मिलने के महज 3 घंटे के भीतर हटाना होगा। ये नए नियम 20 फरवरी 2026 से लागू हो गए हैं। 10 फरवरी को इसका नोटिफिकेशन जारी हुआ था।


