कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को गुजरातियों से जुड़े विवादित बयान पर खेद जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि मेरे बयान को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया गया। मैं शब्दों पर खेद व्यक्त करता हूं।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, खड़गे ने रविवार को केरल के इडुक्की में कहा था कि राज्य के लोग ‘पढ़े-लिखे और समझदार’ हैं और उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता, जबकि गुजरात और कुछ अन्य जगहों के लोग ‘अनपढ़’ हैं।
उधर, गुजराती समुदाय के लोगों ने खड़गे के बयान को लेकर आज दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। खड़गे के खिलाफ नारेबाजी की और मांफी मांगने की अपील की।
BJP के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेतृत्व से इस पर जवाब मांगा। उन्होंने राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से पूछा कि क्या वे खड़गे के बयान से सहमत हैं। प्रसाद ने कहा, “क्या वे इस बयान से सहमत हैं? अगर राहुल गांधी में समझ है तो उन्हें इस टिप्पणी से दूरी बनानी चाहिए, इसकी निंदा करनी चाहिए और माफी की मांग करनी चाहिए।’
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि खड़गे को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने साढ़े छह करोड़ गुजरातियों का अपमान ही नहीं किया है, बल्कि महात्मा गांधी और सरदार पटेल की पवित्र भूमि के गौरव को भी ठेस पहुंचाई है।
पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और चुनाव आयोग आमने-सामने आ गए हैं। सांसद डेरेक ओ’ब्रायन के नेतृत्व में TMC का प्रतिनिधि मंडल बुधवार सुबह दिल्ली में चुनाव आयोग से मिलने पहुंचा।


