कोलकाता आरजी कर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर के विरोध में जूनियर डॉक्टरों के प्रदर्शन का आज 23वां दिन है। रविंद्र भारती यूनिवर्सिटी के पास चल रहे प्रदर्शन के दौरान शुक्रवार रात 2 बजे एक शख्स शराब के नशे में बाइक लेकर में घुस गया।
इस दौरान उसने एक छात्र को टक्कर मार दी, जिसमें उसे चोट आई है। इस पूरे घटनाक्रम के समय पुलिस भी मौजूद थी, लेकिन उसने बिना एक्शन लिए आरोपी को छोड़ दिया। इसके बाद डॉक्टरों ने आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर 5 घंटे तक बीटी रोड जाम कर दिया।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, आरोपी की बाइक पर कोलकाता पुलिस का स्टिकर लगा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसे सिविक वॉलंटियर टीम से भी हटा दिया गया है। ये शख्स भी रेप-मर्डर केस के आरोपी संजय रॉय की तरह कोलकाता पुलिस में सिविक वॉलंटियर था।
प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार छात्र को कोर्ट ने रिहा किया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने 30 अगस्त को रेप-मर्डर केस के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्र सायन लाहिड़ी को रिहा करने का आदेश दिया है। सायन पर बिना परमिशन के नबन्ना रैली निकालने का आरोप था। इसी रैली में हिंसा के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि अधिकारियों को इस मुद्दे को संवेदनशील तरीके से संभालना चाहिए था, न कि प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाकर उन्हें आंदोलन करने से रोकना चाहिए था। पुलिस को यह समझना चाहिए कि रेप-मर्डर केस को लेकर लोगों में गुस्सा है।
दरअसल, पश्चिम बंग छात्र समाज के कार्यकर्ताओं ने ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर केस के विरोध में 27 अगस्त को प्रदर्शन किया था। ‘नबन्ना अभियान’ प्रदर्शन हिंसक हो गया था। जिसमें 100 से ज्यादा छात्र, 25 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पुलिस ने हिंसा के आरोप में सायन लाहिड़ी को गिरफ्तार किया था।
छात्र की मां बोली- कॉलेज की घटना से छात्र परेशान था
लाहिड़ी की मां ने बेटे की गिरफ्तारी के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। उन्होंने कहा था कि उनका बेटा पश्चिम बंग छात्र समाज से जुड़ा नहीं है और न ही किसी रैली का नेतृत्व किया है। वह मेडिकल कॉलेज में हुई घटना से बहुत परेशान था। इसी वजह से बस छात्रों के प्रदर्शन में शामिल हुआ था।
कोर्ट ने छात्र को रिहाई का आदेश देते हुए कहा कि अगर मेडिकल कॉलेज में घटना नहीं होती, तो पश्चिम बंग छात्र समाज का अस्तित्व ही नहीं होता। हजारों आम लोग विरोध रैली में शामिल हुए। याचिकाकर्ता के बेटे ने सक्रिय भूमिका निभाई होगी और अन्य प्रदर्शनकारियों की तुलना में थोड़ा अधिक मुखर रहा होगा। इसका यह मतलब नहीं है कि याचिकाकर्ता का बेटा रैली का नेता है।
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 8-9 अगस्त की रात ट्रेनी डॉक्टर से रेप और मर्डर केस में सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इनमें घटना के बाद क्राइम सीन पर 10-12 लोग दिखाई दे रहे हैं।
दावा किया जा रहा है कि ट्रेनी डॉक्टर से रेप और मर्डर के बाद क्राइम सीन पर पुलिस के अलावा भी लोग वहां गए। इससे सबूतों से छेड़छाड़ की गुंजाइश है। CBI ने भी 20 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका जताई थी।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता पुलिस के सूत्रों ने बताया कि ये तस्वीरें घटना के दिन यानी 9 अगस्त को सेमिनार हॉल के अंदर जांच पूरी होने के बाद की हैं। कोलकाता पुलिस के मुताबिक, वायरल तस्वीर में दिख रहे लोगों को यहां जाने की अनुमति थी। क्राइम सीन से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई। फोटो 9 अगस्त को तब ली गई, जब पूछताछ पूरी हो चुकी थी।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 8 अगस्त की रात को ट्रेनी डॉक्टर का रेप-मर्डर हुआ था। 9 अगस्त की सुबह डॉक्टर की बॉडी मिली। इसके बाद देशभर के डॉक्टर सड़क पर उतर आए थे। सुप्रीम कोर्ट की अपील के बाद कई अस्पतालों के डॉक्टरों ने हड़ताल कैंसिल कर दी। हालांकि प्रदर्शन जारी है।
कोर्ट ने पुलिस की भूमिका पर संदेह जताया था
20 अगस्त को मामले की सुनवाई के दौरान CBI के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने FIR दर्ज करने में देरी पर चिंता जताई थी। उन्होंने कोर्ट में कहा- क्राइम सीन से छेड़छाड़ हुई है। इस पर जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कहा- कोलकाता पुलिस की भूमिका पर संदेह है। जांच में ऐसी लापरवाही मैंने अपने 30 साल के करियर में नहीं देखी।


