कोलकाता के कस्बा इलाके में तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्षद के मर्डर की साजिश नाकाम हो गई। वार्ड 108 के पार्षद सुशांत घोष शुक्रवार शाम अपने घर के बाहर बैठे हुए थे। इसी दौरान दो लोग स्कूटी पर आए। पीछे बैठे व्यक्ति ने घोष पर 2 बार फायर करने की कोशिश की, लेकिन गोली नहीं चली।
इस बीच सुशांत घोष शूटर को पकड़ने के लिए दौड़ पड़े। शूटर ने स्कूटर पर भागने की कोशिश की, पर सुशांत ने उसके कपड़े पकड़कर खींच लिया। इस दौरान वह दोबार बचकर दौड़कर भागने लगा, लेकिन लोगों ने उसे पकड़ लिया। घोष के घर पर CCTV लगा था और इसी में घटना कैद हो गई।
बिहार का है शूटर, बोला- पैसे नहीं मिले
पकड़े जाने के बाद शूटर से कैमरा के सामने पूछा गया कि उसे किसने हायर किया है। इस पर शूटर ने कहा कि उसे किसी ने पैसा नहीं दिया, सिर्फ फोटो दी गई और कहा कि इसका मर्डर करना है। पुलिस ने बताया कि इसके पीछे स्थानीय लोगों का हाथ हो सकता है। आशंका है कि दुश्मनी के चलते किसी ने बिहार के शूटर को हायर किया होगा।
पार्षद बोले- कभी नहीं सोचा ऐसा होगा
घोष ने कहा कि उन्हें कोई आइडिया नहीं है कि मर्डर की प्लानिंग किसने की होगी। उन्होंने कहा, “12 साल से पार्षद हूं। कभी नहीं सोचा था कि मुझ पर कोई हमला कराएगा। मेरे इलाके में मेरे घर के सामने ऐसा होगा, ये तो कभी नहीं सोचा था।”
एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी के शूटर ने मौत की पुष्टि तक अस्पताल के पास इंतजार किया था। शूटर ने पुलिस को बताया कि फायरिंग के बाद उसने तुरंत अपनी शर्ट बदल ली और करीब आधे घंटे तक भीड़ के बीच अस्पताल के बाहर खड़ा रहा। वह यह जानने के लिए खड़ा रहा कि सिद्दीकी की मौत हो गई या वे हमले में बच गए। जैसे ही उसे यह पता चला कि सिद्दीकी की हालत बहुत गंभीर है, वह वहां से चला गया था।
ग्वालियर के डबरा में 7 नवंबर की शाम को 45 वर्षीय जसवंत सिंह गिल उर्फ सोनी सरदार के मर्डर में खालिस्तानी कनेक्शन सामने आया था। मामले में पंजाब पुलिस ने खालिस्तानी संगठन से जुड़े दो शूटर- बरनाला के भदौड़ निवासी अनमोलप्रीत सिंह उर्फ विशाल और खरड़ के निज्जर रोड निवासी नवजोत सिंह उर्फ नीटू को गिरफ्तार किया था।


