महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने एकतरफा जीत दर्ज की। कुल 29 नगर निगमों में से 17 पर अकेले भाजपा का कब्जा हो गया है। यानी इन निगमों में मेयर बनाने जा रही है।
वहीं, उसके नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने 8 निगमों में जीत हासिल की। इस तरह भाजपा गठबंधन को 25 नगर निगमों में जीत दर्ज हुई है।
उधर सूत्रों ने दैनिक भास्कर को बताया कि शिंदे गुट और अजीत पवार गुट को जितनी उम्मीद थी, परिणाम वैसा नहीं आया। दोनों डिप्टी सीएम हार से काफी नाराज हैं।
शनिवार को महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट बैठक में भी दोनों उप मुख्यमंत्री नहीं गए। शिवसेना की ओर से कहा गया शिंदे बीमार हैं। शिंदे गुट के पार्षदों को बांद्रा स्थित ताज लैंड्स एंड होटल पहुंचने का आदेश दिया गया है।
फडणवीस ने कहा, मेयर कौन बनेगा और कब चुना जाएगा। ये सभी फैसले मैं, एकनाथ शिंदे और हमारे पार्टी नेता मिलकर लेंगे। इस पर कोई विवाद नहीं है।
भाजपा-शिवसेना (शिंदे) के गठबंधन ने उद्धव ठाकरे से BMC छीनकर, उनका तीन दशक पुराना दबदबा खत्म कर दिया है। बीएमसी में भाजपा 89 जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है।
राज्य चुनाव आयोग की तरफ से घोषित फाइनल रिजल्ट के मुताबिक BJP+ ने 29 नगर निगमों में 2,869 सीटों में से 1,425 सीटें जीती हैं।
शिवसेना ने 399, कांग्रेस ने 324, NCP ने 167, शिवसेना (UBT) ने 155, NCP (SP) ने 36, MNS ने 13, BSP ने 6, SEC में रजिस्टर्ड पार्टियों ने 129, गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों ने 196 और 19 सीटें निर्दलीयों ने जीतीं।
महाराष्ट्र चुनाव में मिली हार के UBT के संजय राऊत ने एकनाथ शिंदे को शिवसेना का जयचंद बताया। उन्होंने X पर लिखा- अगर एकनाथ शिंदे शिवसेना के जयचंद नहीं बनते, तो BJP को मुंबई में कभी मेयर नहीं मिलता। मराठी लोग शिंदे को जयचंद के रूप में याद रखेंगे।
227 सदस्यों वाली BMC में BJP ने 89 और सहयोगी शिवसेना ने 29 सीटें जीतीं। जबकि उद्धव की शिवसेना को 65 और MNS को 6 सीटें मिलीं। कांग्रेस और वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) के गठबंधन को 24 सीटें मिलीं। AIMIM को 8, NCP को 3, समाजवादी पार्टी को 2, और NCP (SP) को सिर्फ 1 सीट मिली। BMC में पहली बार BJP का मेयर बनाया जा सकता है।

