पीएम मोदी गुरुवार को पश्चिम बंगाल में 3 चुनावी रैलियां कीं। उन्होंने बीरभूमि में कहा, ‘हम ऐसा समाज देखने चाहते हैं। जहां हर कोई भय से मुक्त हो। ये मां, माटी और मानुष की बात करते हैं। मां आज रो रही है, माटी पर घुसपैठियों का कब्जा हो रहा है और मानुष भयभीत है, डरा हुआ है।’
उन्होंने कहा, ‘गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ऐसा समाज देखना चाहते थे, जहां हर कोई भय से मुक्त हो, लेकिन TMC के महाजंगलराज ने एकदम उल्टा कर दिया। TMC ने देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति का अपमान किया था।’
उन्होंने कहा कि आपने TMC पर विश्वास किया था, लेकिन TMC ने बंगाल में बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं हैं। 4 मई के बाद हर गुंडागर्दी का हिसाब लिया जाएगा। बंगाल में अब TMC का भय नहीं, भाजपा का भरोसा चलेगा। बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग है। रिजल्ट 4 मई को आएंगे।
बीरभूम TMC का मजबूत गढ़ माना जाता है। 2021 में बीरभूम जिले की 11 में से 10 सीटों पर TMC जीती थी। यहां ध्रुवीकरण भी एक बड़ा मुद्दा रहा है। बीरभूम में 63% हिंदू और 37% मुस्लिम आबादी है। BJP ने पिछले कुछ सालों में यहां अपना जनाधार बढ़ाया है और अवैध बालू खनन, भ्रष्टाचार और हिंसा जैसे मुद्दों को लेकर TMC को घेर रही है।
आसनसोल की 7 में से 5 विधानसभा सीटों पर TMC के विधायक हैं। जिले में 75% हिंदू, 21% मुस्लिम और 4% अन्य धर्मों के लोग हैं। लेकिन पिछले एक दशक में यहां वोटिंग पैटर्न काफी बदला है। पिछले 10 सालों में शहरी इलाकों में BJP मजबूत हुई है, जबकि ग्रामीण इलाकों में TMC की पकड़ बनी हुई है।
हल्दिया नेता प्रतिपक्ष सुवेंद्र अधिकारी का गृह क्षेत्र है। यह राज्य में BJP के सबसे मजबूत गढ़ों में से एक है। पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनावों में पूर्वी मेदिनीपुर जिले की 16 में से 8 विधानसभा सीटें जीती थीं। 2024 के आम चुनावों में भी इस जिले की दोनों लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी।


