महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नाना पटोले ने गुरुवार को आरोप लगाया कि प्रदेश में सामने आए हनीट्रैप कांड में राज्य के मंत्री, सीनियर IAS और IPS ऑफिसर शामिल हैं। सरकार जो आंकड़ा बता रही है, वह 72 पर नहीं रुकता। असल में यह कहीं ज्यादा है।
पटोले ने कहा- मेरे पास पेन ड्राइव में सारे सबूत हैं। हम किसी का निजी चरित्र हनन नहीं करना चाहते, इसी वजह से अब तक इसे पब्लिक नहीं किया है। सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो विपक्ष इसे जनता के सामने लाने को मजबूर होगा।
इससे पहले इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में बुधवार को दावा किया गया था कि महाराष्ट्र के कई सीनियर अधिकारियों ने एक महिला पर हनीट्रैप में फंसाकर वसूली का आरोप लगाया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में ठाणे के दो सीनियर पुलिस अफसरों ने शिकायत दर्ज कराई कि एक महिला ने बलात्कार का आरोप लगाने की धमकी देकर उनसे 40-40 लाख रुपए की मांग की थी।
विपक्ष का विधानसभा से वॉकआउट
मामले में सरकार पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाकर विपक्षी दलों ने विधानसभा से वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस नेता नाना पटोले ने बुधवार को मामले की जांच और ठोस कार्रवाई की मांग की थी। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने सरकार से मामले में कार्रवाई करके सदन को जवाब देने के लिए कहा था।
पटोले ने गुरुवार को दोबारा यह मामला उठाया। इस पर स्पीकर ने शुक्रवार को सत्र खत्म होने से पहले कार्रवाई करके सदन को जानकारी देने के लिए कहा। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।
वहीं, विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार संवेदनशील विषय पर ढीलापन दिखा रही है। इसके चलते विपक्षी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
पूरा मामला साल 2016 से शुरू होता है। इस साल ठाणे में एक महिला को क्राइम ब्रांच ऑफिसर जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों से मदद मांगने के लिए वह खुद को एक परेशान पूर्व पुलिसकर्मी या विधवा बताती थी।
इंडिया टुडे के मुताबिक सेशन कोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट में जमा किए गए डोजियर से पता चलता है कि महिला कई अधिकारियों पर बलात्कार के आरोप लगा चुकी थी। बाद में मोटी रकम लेकर उसने केस वापस ले लिया या समझौता कर लिया।
विश्वास जीतने के लिए वॉट्सऐप पर बातें करती, वीडियो कॉल करती और मिलने भी जाती थी। मुलाकातों के दौरान वह चुपचाप आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लेती थी। इन्हीं रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल वह अधिकारियों को धमकाकर पैसे वसूलने के लिए करती थी।
एक मामले में महिला ने एक IPS ऑफिसर को मदद के बहाने होटल के कमरे में बुलाया। अंदर घुसते ही उसने अपने कपड़े उतार दिए और चुपके से बातचीत रिकॉर्ड कर ली। बाद में फुटेज का इस्तेमाल जबरन वसूली के लिए किया।
एक अन्य मामले में एक बड़े अफसर की पत्नी को महिला को पैसे देने पड़े, ताकि उसके पति पर बलात्कार का केस दर्ज न हो। मन मुताबिक रकम मिलने के बाद महिला समझौता कर लेती थी। अधिकारी समाज में बदनामी और नौकरी जाने के डर से चुप ही रह जाते थे।
आधिकारिक कागजात बताते हैं कि इस महिला का जाल मुंबई, ठाणे, पुणे और नासिक जैसे बड़े शहरों तक फैला था। जिन लोगों को उसने शिकार बनाया है, उनमें महाराष्ट्र पुलिस के तीन DCP, कई आबकारी अधिकारी, सीनियर इंस्पेक्टर और असिस्टेंट कमिश्नर भी शामिल हैं।
बॉम्बे हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद महिला ने नई और झूठी पहचान से अपने गलत काम जारी रखे। अधिकारियों के मुताबिक कई मामलों की जांच चल रही है। हालांकि, अभी और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।


