नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने सोमवार को पहलगाम आतंकी हमले पर 1300 पेज की चार्जशीट दाखिल की। जम्मू में NIA स्पेशल कोर्ट में हमले के 237 दिन बाद ये चार्जशीट दाखिल की गई।
इसमें आतंकी कमांडर सजाद जट्ट का भी नाम है। वो पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का ऑपरेशंस चीफ है। NIA ने उस पर ₹10 लाख का इनाम घोषित किया है।
सूत्रों के मुताबिक सजाद को ही पहलगाम हमले का मास्टर माइंड माना जा रहा है। उसी ने पहलगाम अटैक की जिम्मेदारी अन्य 2 आतंकियों को सौंपी थी।
28 जुलाई श्रीनगर के हरवान जंगल में सुरक्षाबलों ने ‘ऑपरेशन महादेव’ चलाया था। इसमें पहलगाम हमले के दोनों आतंकी सुलेमान शाह और हमजा अफगानी मारे गए थे।
दरअसल, 22 जुलाई को पहलगाम से 6 किमी दूर बायसरन घाटी में आतंकी हमले में 26 टूरिस्ट्स की मौत हुई थी। 16 लोग घायल हुए थे। लोगों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया गया था।
पहलगाम हमले पर NIA ने चार्जशीट दाखिल की है। इस पर जम्मू-कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला ने कहा- पहलगाम आतंकी हमले में एनआईए ने जांच पूरी कर ली है और अब चार्जशीट दाखिल की जा रही है। दोषी या निर्दोष का फैसला अदालत करेगी।
पहलगाम हमले के दो महीने बाद नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने पहलगाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया था। NIA की जांच में खुलासा हुआ था कि इन दोनों ने हमले को अंजाम देने वाले तीन आतंकियों को पनाह दी थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम परवेज अहमद जोठार और बशीर अहमद जोठार थे।
NIA के मुताबिक, परवेज और बशीर ने हमले से पहले इन तीनों आतंकियों को हिल पार्क स्थित एक अस्थायी ढोक (झोपड़ी) में जानबूझकर ठहराया था। उन्होंने उन्हें खाना और अन्य सुविधाएं मुहैया कराई थीं।
जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के दाचीगाम नेशनल पार्क के पास हरवान इलाके में सोमवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 3 पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया था। इनमें पहलगाम हमले का मुख्य आरोपी हाशिम मूसा भी शामिल था। सेना ने यह कार्रवाई ऑपरेशन महादेव के तहत की थी। बाकी दो आतंकियों की पहचान जिबरान और हमजा अफगानी के तौर पर हुई थी। गृहमंत्री शाह ने इसके अगले दिन 29 जुलाई को संसद में बताया था- जिन आतंकियों ने पहलगाम के बायसरन घाटी में हमारे 26 पर्यटकों को मारा, उन्हें 28 जुलाई को ऑपरेशन महादेव में ढेर कर दिया गया। मारे गए तीनों आतंकी पहलगाम हमले में शामिल थे। सुरक्षाबलों ने पाकिस्तानी वोटर ID-चॉकलेट से पहलगाम के आतंकियों की पहचान की।’


