ओडिशा में सेक्शुअल हैरेसमेंट की शिकार छात्रा की मौत को लेकर विपक्ष ने गुरुवार को ओडिशा बंद बुलाया। प्रदर्शनकारियों ने भद्रक में ट्रेन को रोक दिया। भुवनेश्वर में बसों का चक्काजाम किया। यात्रियों को पैदल ही घर जाना पड़ा।
भद्रक जिले के चेन्नई-कोलकाता हाईवे पर टायर जलाए गए। जिसके चलते ट्रकों की लंबी कतार लग गई। वहीं आसपास की कई दुकानों को बंद रखा गया। मार्केट में सन्नाटा रहा। मयूरभंज में भी लोग सड़क पर प्रदर्शन करने उतरे।
कांग्रेस सहित 8 विपक्षी पार्टियां इस प्रदर्शन में शामिल हुईं। इनमें बीजू जनता दल, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया मार्क्सवादी CPI(M), सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (SUCI) के नेता-कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में नजर आए।
ओडिशा के बालासोर में फकीर मोहन ऑटोनॉमस कॉलेज में छात्रा ने हैरेसमेंट से तंग आकर 12 जुलाई को खुद को आग लगा ली थी। उसे AIIMS ले जाया गया जहां 14 जुलाई को 20 साल की स्टूडेंट ने दम तोड़ दिया।
14 जुलाई: राष्ट्रपति मुर्मू ने पीड़ित छात्रा से मुलाकात की थी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 14 जुलाई को AIIMS के बर्न यूनिट में जाकर पीड़िता से मुलाकात की थी। राष्ट्रपति दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए भुवनेश्वर AIIMS पहुंची थीं। उन्होंने पीड़िता के परिवार को अच्छे से अच्छा इलाज का आश्वासन दिया था। हालांकि, उसी दिन बाद में छात्रा ने दम तोड़ दिया।
12 जुलाई- छात्रा ने आत्मदाह किया, आरोपी अरेस्ट
छात्रा फकीर मोहन कॉलेज में इंटीग्रेटेड BEd कोर्स में सेकेंड ईयर की स्टूडेंट थी। उसने 12 जुलाई को हेड ऑफ डिपार्टमेंट (HoD) के सेक्शुअल हैरेसमेंट से परेशान होकर कॉलेज कैंपस में खुद पर केरोसीन छिड़ककर आग लगा ली थी।
घटना से पहले वह प्रिंसिपल के पास गई थी, लेकिन प्रिंसिपल ने उसे अपनी शिकायत वापस लेने को कहा था। इसके बाद उसने आत्मदाह कर लिया था। छात्रा को पहले बालासोर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से डॉक्टरों ने AIIMS भुवनेश्वर रेफर कर दिया था।
ओडिशा पुलिस ने 12 जुलाई को ही आरोपी HoD समीर कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया था। राज्य सरकार ने कॉलेज के प्रिंसिपल दिलीप घोष को सस्पेंड किया था। हालांकि, राज्यभर में विरोध-प्रदर्शन के बीच 14 जुलाई को पुलिस ने प्रिंसिपल को भी गिरफ्तार कर लिया।


