Palwal / DSP crime पलवल अनिल कुमार से प्राप्त जानकारी के अनुसार नीतीश अग्रवाल,आईपीएस, पुलिस अधीक्षक पलवल के कुशल निर्देशन में जिला पुलिस लगातार अपराधियों पर शिकंजा कस रही है, इसी कड़ी में शहर थाना पुलिस तथा क्राइम यूनिटों के ज्वाइंट ऑपरेशन में पुलिस ने सोना तथा नगदी की ब्लाइंड लूट का पर्दाफाश करते हुए अन्तर्राज्यीय गैंग के एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
डीएसपी क्राइम पलवल के मुताबिक मामले में शिकायतकर्ता विकास जैन से प्राप्त शिकायत के अनुसार दिनांक 2 अप्रैल 2026 को बदमाशों ने खुद को राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) का अधिकारी बताकर राष्ट्रीय राजमार्ग 10 स्थित हुडा चौक के समीप नामी सर्राफा कारोबारी की कार को रुकवाकर कार चालक राजकुमार और कर्मी विजय से 30 तोला सोना व 31 लाख को नगदी लूट ली। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश कार में सवार कर्मचारी का अपहरण कर अपने साथ ले गए, जिसे बाद में गुरुग्राम छोड़ सोना व नगदी लेकर फरार हो गए। इस संदर्भ में सभी सुसंगत धाराओं के तहत उपरोक्त मामला दर्ज किया गया।
पुलिस एक्शन-
मामले की गंभीरता के मध्य नजर पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल के कुशल निर्देशन में क्राइम यूनिट सहित कई टीमों का गठन किया गया। इस मामले में शहर थाना पुलिस तथा क्राइम यूनिटों के ज्वाइंट ऑपरेशन में पुलिस टीम ने आस-पास के सी०सी०टी०वी० कैमरा खंगाले। साईबर तकनीकि, सी०सी०टी०वी० फुटेज तथा इंटेलीजैस की मदद से कार्य करते हुये दिनांक 10.04.2026 को वारदात में शामिल एक आरोपी को नजदीक आगरा चौक पलवल से धर दबोचा।
गिरफतार किए गए आरोपी का नाम एंव पता-
लक्ष्मण उर्फ केहरी निवासी जिला पलवल ।
वारदात का तरीका-
आरोपी से की गई गहन पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लक्ष्मण उर्फ केहरी टैक्सी गाडी चलाता है जिसकी करीब 8/9 माह पहले फरीदाबाद के टैक्सी स्टैंड पर टैक्सी बुक करने के लिए आए व्यक्ति जो इस वारदात का मास्टरमांइड है, से हुई। जिसने व्यापारियों को लूटने की अपनी प्लानिंग में आरोपी लक्ष्मण को शामिल किया और पहले ग्वालियर में एक गुटखा व्यापारी से 25 लाख की लूट तथा 5 लाख की एक और लूट वारदात को अंजाम दिल्ली में दिया।
इस लूट वारदात को अंजाम देने से पहले मास्टरमांइड के कहे अनुसार नम्बर प्लेट बदलकर दो गाडियों से पलवल के सर्राफा व्यापारी की करीब 2 माह निरंतर रैकी की जिससे उन्हें सर्राफा व्यापारी की अधिकतर जानकारी हो गई।प्लान के अनुसार दिनांक 02 अप्रैल को गैंग के 9/10 सदस्यों ने डीआरआइ अपराधिक रिकार्ड अधिकारी बनकर इरा लूट वारदात को अंजाम दिया।
अपराधिक रिकॉर्ड-
आरोपी के खिलाफ बलात्कार, लूट आदि संगीन धाराओं के तहत चार मामले दर्ज है। अन्य राज्यों से भी रिकार्ड खंगलवाया जा रहा है।
बरामदगी व आरोपियों का पता लगाने हेतु रिमांड-
आरोपी को लूटा गया सोना तथा रूप्ये व वारदात में प्रयुक्त गाढी, मोबाईल की बरामदगी तथा गैंग में शामिल आरोपियों का पता लगाने हेतु आज पेश अदालत कर रिमांड पर लिया जाएगा। इस वारदात से जुड़े किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।


