कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कुरुक्षेत्र में हरियाणा और उत्तराखंड के जिला अध्यक्षों से मुलाकात की। इसमें हरियाणा के 32 जिलाध्यक्ष और उत्तराखंड के 28 जिलाध्यक्ष मौजूद रहे। ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत यह ट्रेनिंग कैंप लगाया गया था। राहुल गांधी ने करीब 4 घंटे धर्मशाला में गुजारे। इस दौरान उन्होंने सभी जिला अध्यक्षों को कहा कि वह गांव-गांव जाकर लोगों को अपने साथ जोड़ें। जिस तरह से देश से मुगल और ब्रिटिश चले गए, एक दिन भाजपा वाले भी चले जाएंगे।
राहुल ने कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद, विधायक दल नेता भूपेंद्र हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह से अलग मुलाकात की। जिसमें राहुल ने उन्हें कहा कि पार्टी में अनुशासन को सख्ती से लागू करें। इस दौरान कई जिला अध्यक्षों ने राहुल से शिकायत की कि प्रदेश के कई नेता पार्टी विरोधी बयानबाजी करते हैं। मीडिया में खबरें लीक की जाती हैं। जिससे भाजपा को बैठे-बैठाए मुद्दा मिल जाता है।
जिसके बाद राहुल गांधी ने पार्टी विरोधी गतिविधि और बयानबाजी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा। इस दौरान राहुल गांधी ने फुल ड्रेस में आधे घंटे तक जिला अध्यक्षों को मार्शल आर्ट की दांव-पेंच भी सिखाए।
राहुल गांधी बुधवार सुबह अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर उतरे। इसके बाद वह करीब 11.19 बजे कुरुक्षेत्र पहुंचे। सबसे पहले वह जिला अध्यक्षों के परिवार से मिले। उनके साथ फोटो खिंचवाईं। फिर लंच हुआ। उसके बाद जिला अध्यक्षों के साथ ट्रेनिंग सेशन हुआ। राहुल गांधी ने माहौल को हलका करने के लिए कहा कि लोग मेरे उलटे-सीधे नाम रखकर मजाक उड़ाते हैं लेकिन मैं परवाह नहीं करता। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के इतिहास, विचारधारा और आगामी रणनीति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी जिला अध्यक्ष पूरी मेहनत, जोश और जुनून से काम करें।
इस दौरान राहुल गांधी ने पार्टी में अनुशासन की गंभीरता के बारे में बात करते हुए कहा कि पार्टी अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह अनुशासनहीनता करने वालों के साथ पार्टी विरोधी बयानबाजी व गतिविधियों में शामिल नेताओं पर सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग केंद्रीय नेतृत्व के जारी किए कार्यक्रम में पूरी ताकत के साथ भागीदारी नहीं निभाते। ऐसे लोग पार्टी पदाधिकारियों के साथ भी सौतेला व्यवहार करते हैं।
सेशन के दौरान जिला अध्यक्षों ने भी राहुल गांधी कुछ नेताओं के बारे में फीडबैक दिया। उन्होंने बताया कि इन नेताओं की बयानबाजी अक्सर कांग्रेस को नुकसान व बीजेपी को फायदा पहुंचाती है और मीडिया को कांग्रेस के खिलाफ खबरें चलाने का आधार प्रदान करती है। ऐसी बयानबाजी पर रोक लगाना बहुत जरूरी है।


