कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को जर्मनी में कहा, ‘मैन्युफैक्चरिंग मजबूत अर्थव्यवस्थाओं की रीढ़ होती है। दुर्भाग्य से भारत में मैन्युफैक्चरिंग में गिरावट आ रही है। विकास को तेज करने के लिए हमें ज्यादा से ज्यादा उत्पादन करना होगा। मैन्युफैक्चरिंग का इकोसिस्टम बनाना होगा।’
राहुल गांधी प्रोग्रेसिव एलायंस के आमंत्रण पर तीन दिन के दौरे पर आज जर्मनी पहुंचे। ये एलायंस दुनियाभर की 117 प्रगतिशील राजनीतिक पार्टियों का एक प्रमुख समूह है।
राहुल ने पहले दिन म्यूनिख स्थित ऑटोमोबाइल कंपनी BMW के मुख्यालय का दौरा किया। यहां उन्होंने विभिन्न कारों और मोटरसाइकिलों के बारे में जानकारी ली। राहुल देर रात बर्लिन में IOC कार्यक्रम में भाग लेंगे।
राहुल 19 दिसंबर तक जर्मनी में ही रहेंगे। उनका जर्मनी दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब देश में संसद का शीतकालीन सत्र (1 से 19 दिसंबर तक) चल रहा है। इसको लेकर भाजपा ने राहुल के जर्मनी दौरे पर निशाना साधा था।
राहुल गांधी का पिछले 6 महीनों में यह चौथा विदेश दौरा है। इससे पहले जुलाई से लेकर सितंबर के बीच वे लंदन, मलेशिया, ब्राजील-कोलंबिया की यात्रा पर गए थे।
राहुल गांधी की जर्मनी यात्रा पर भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा था- राहुल गांधी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ‘LoP’ का मतलब ‘लीडर ऑफ पर्यटन’ होता है। वे लीडर ऑफ पार्टींइंग (पार्टी करने वाले नेता हैं)।
इधर, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा था- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने काम का आधा समय विदेश में बिताते हैं। फिर भाजपा की ओर से विपक्ष के नेता की विदेश यात्रा पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं? राहुल ने 2 अक्टूबर को कोलंबिया की EIA यूनिवर्सिटी में ‘द फ्यूचर इज टुडे’ कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने कहा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा की विचारधारा के मूल में कायरता है।’ इसके लिए उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर के 2023 में चीन को लेकर दिए बयान का हवाला दिया।


