संसद सत्र के छठे दिन सोमवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बजट की तुलना महाभारत के चक्रव्यूह से की। राहुल ने कहा- हजारों साल पहले कुरुक्षेत्र में अभिमन्यु को चक्रव्यूह में फंसाकर 6 लोगों ने मारा था। चक्रव्यूह का दूसरा नाम है- पद्मव्यूह, जो कमल के फूल के शेप में होता है। इसके अंदर डर और हिंसा होती है।
21वीं सदी में एक नया ‘चक्रव्यूह’ रचा गया है- वो भी कमल के फूल के रूप में तैयार हुआ है। इसका चिह्न प्रधानमंत्री अपने सीने पर लगाकर चलते हैं। अभिमन्यु के साथ जो किया गया, वह भारत के साथ किया जा रहा है। आज चक्रव्यूह के बीच में 6 लोग हैं। ये 6 लोग- नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, अजित डोभाल, अडाणी और अंबानी हैं।
राहुल के भाषण की 9 मुख्य बातें…
- किसान MSP पर गारंटी मांग रहे, आप 3 काले कानून ले आए
राहुल ने कहा- किसान आपसे एमएसपी की लीगल गारंटी की मांग कर रहे हैं। आपने उनको बॉर्डर पर रोक रखा है। किसान मुझसे मिलने यहां आना चाहते थे। आपने उनको यहां आने नहीं दिया आपने किसानों के लिए क्या किया, तीन काले कानून लाए। इस पर स्पीकर ने कहा कि सदन में गलत ना बोलें। - जिनके पास देश का बिजनेस, उन पर बोलने से रोकना मंजूर नहीं
कांग्रेस सांसद बोले- ये जो दो लोग (अंबानी-अडाणी) हैं, ये हिंदुस्तान के इंफ्रास्ट्रक्चर को और बिजनेस को कंट्रोल करते हैं। इनके पास एयरपोर्ट्स हैं, टेलीकॉम हैं, अब रेलवे में जा रहे हैं। इनके पास हिंदुस्तान के धन की मोनोपॉली है। अगर आप कहो कि इनके बारे में नहीं बोल सकते तो ये हमें स्वीकार नहीं है। हमें तो बोलना है। - स्पीकर से बोले- क्या अंबानी-अडाणी को A1, A2 कह सकता हूं
राहुल की स्पीच में चक्रव्यूह के 6 किरदारों के जिक्र पर सत्तापक्ष के सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। स्पीकर ने उन्हें टोकते हुए कहा- जो सदन का सदस्य नहीं है, उसका नाम नहीं जाना चाहिए। इस पर राहुल ने कहा कि आप कहते हैं तो एनएसए, अंबानी और अडाणी का नाम निकाल देता हूं। फिर राहुल ने पूछा- क्या इन्हें A1, A2 कह सकता हूं। - फोटो दिखाकर कहा- देश में 73% पिछड़े-दलित, इन्हें कहीं जगह नहीं
नेता प्रतिपक्ष ने बजट की हलवा सेरेमनी का फोटो दिखाते हुए कहा कि इसमें एक भी आदिवासी, दलित या पिछड़ा अफसर नहीं दिख रहा है। 20 अफसरों ने बजट तैयार किया। आपने एक माइनॉरिटी और एक ओबीसी को रखा, बाकी को तो फोटो में आने ही नहीं दिया। देश में तकरीबन 73 फीसदी दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोग हैं, लेकिन इनको कहीं जगह नहीं मिलती। - बजट के जरिए मिडिल क्लास की पीठ और छाती में छुरी मारी
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बजट से पहले मिडिल क्लास प्रधानमंत्री को सपोर्ट करता था। कोविड के समय जब थाली बजाने को कहा तब मिडिल क्लास ने थाली बजाई। आपने कहा कि मोबाइल फोन की लाइट जलाओ तो जलाई, लेकिन आपने मिडिल क्लास की पीठ में और छाती में छुरी मारी। अब मिडिल क्लास आपको छोड़ने जा रहा है और इधर आ रहा है। - देश की 95% जनता जानना चाहती है- हमारी भागीदारी कितनी
कांग्रेस सांसद ने कहा कि देश की 95% जनता जानना चाहती है कि बजट में हमारी भागीदारी कितनी है। बांटता कौन है, वही दो-तीन परसेंट लोग और बंटता किनमें हैं, वही दो-तीन परसेंट लोग। जाति जनगणना से देश बदल जाएगा। जाति जनगणना से आप लोग डरते हो, कांपते हो। आपने जो ये चक्रव्यूह बना रखा है, उसे हम तोड़ने जा रहे हैं। हम इस हाउस में जाति जनगणना बिल पास करेंगे। - बढ़ई ने बताया- अपनी बनाई टेबल देखने शोरूम नहीं जा सकता
राहुल गांधी ने कहा कि कुछ महीने पहले मैंने छह-सात बढ़इयों के साथ काम किया। एक विश्वकर्मा जी से पूछा कि आप यहां वर्षों से बढ़ई का काम कर रहे हो, आपको किस बात से तकलीफ होती है। उन्होंने कहा कि राहुलजी मुझे दुख इस बात का होता है कि मैं ये टेबल बना रहा हूं, लेकिन जिस शो-रूम में ये टेबल रखी जाती है, मैं उसमें अंदर जा ही नहीं सकता। एक मोची ने मुझे बताया कि मेरा सम्मान सिर्फ मेरे पिता ने किया था और किसी ने नहीं किया।


