लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (MGNREGA) को खत्म करने की कोशिश महात्मा गांधी के विचारों का सीधा अपमान है।
दरअसल, मोदी सरकार मनरेगा को खत्म करके कर उसकी जगह ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘विकसीत भारत-जी राम जी’ स्कीम ला रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को बिल लोकसभा में पेश किया।
मनरेगा महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने की जीवित मिसाल है। यह योजना करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए जीवन रेखा रही है और कोरोना महामारी के दौरान आर्थिक सुरक्षा कवच साबित हुई।
मनरेगा की नींव तीन मूल सिद्धांतों पर रखी गई थी। पहला- काम का अधिकार, यानी काम मांगने वाले हर व्यक्ति को रोजगार; दूसरा- गांवों को अपने विकास कार्य तय करने की आजादी; और तीसरा- मजदूरी का पूरा खर्च केंद्र सरकार और सामग्री लागत का 75% केंद्र द्वारा देना।
लोकसभा में मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने VB-जी राम जी बिल, 2025’ पेश किया। इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि हम इस बिल का विरोध करते हैं। हर योजना का नाम बदलने की सनक समझ नहीं आती है।VB-जी राम जी बिल पास हो जाता है तो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (MGNREGA) को रिप्लेस करेगा। नए बिल में कहा गया है कि इसका उद्देश्य ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। काम के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दी जाएगी।
मोदी सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (MGNREGA) को खत्म कर नया ग्रामीण रोजगार कानून लाने जा रही है। इसे मौजूदा शीतकालीन सत्र में चर्चा के लिए सूचीबद्ध भी किया गया है।


