देश भर में NEET सहित प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक के मामलों को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच PM नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया किस पेपर लीक मामलों के दोषियों को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। इस पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे ‘शिक्षा तंत्र की तबाही’ छिपाने की कोशिश करार दिया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट में आरोप लगाया कि देश के शिक्षा तंत्र को बर्बाद करने और युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री खुद जिम्मेदार हैं।
राहुल गांधी ने बुधवार को दिल्ली के इंदिरा भवन में छात्रों के खिलाफ लाठीचार्ज पर करीब 40 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने प्रेजेंटेशन में 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च में शामिल छात्रों के वीडियो चलाए।
राहुल कहा कि नीट पेपर लीक से देश के 7.5 करोड़ स्टूडेंट्स और उनके परिवार प्रभावित हुए। नीट मामले में किसी भी को सजा नहीं हुई।
राहुल की दूसरी स्लाइड पेपर लीक के आंकड़ों से जुड़ी थी। राहुल ने कहा- अब तक 152 से ज्यादा पेपर लीक हुए हैं। जिससे 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए लेकिन पेपर लीक करने वालों को कोई सजा नहीं मिली।
राहुल ने कहा- 10 साल में 152 पेपर देश में लीक हुए हैं। इनमें किसी भी मामले में किसी को भी सजा नहीं मिली। 1.4 लाख करोड़ भारत सरकार का एजुकेशन बजट है। 1.32 लाख करोड़ भारतीय परिवार नीट एग्जाम पर खर्च करते हैं। NEET का खर्च देश के शिक्षा बजट से ज्यादा है।
राहुल ने प्रेजेंटेशन के दौरान चौथी स्लाइड दिखाई। जिसमें उन्होंने तीन डिमांड रखीं। पहली- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। दूसरी- छात्रों को पीटने वालों पर कार्रवाई हो। तीसरा- पीएम मोदी छात्रों से माफी मांगें।
कांग्रेस ने मंगलवार को दोपहर 3:30 बजे पीएम मोदी के आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग के पास धरना दिया। इसमें राहुल, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव समेत कई नेता शामिल हुए। तब पुलिस उन्हें उठाकर ले गई थी
कांग्रेस ने मंगलवार को दोपहर 3:30 बजे पीएम मोदी के आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के पास धरना दिया। इसमें राहुल, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव समेत कई नेता शामिल हुए।
