PAK को दो टूक- लोगों पर किए जुल्म का अंजाम भुगतना होगा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ किया है कि हमारा मकसद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को दोबारा हासिल करना है। 22 फरवरी 1994 को भारतीय संसद में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव को सरकार लागू करना चाहती है, जिससे भारत से छीने गए गिलगित और बाल्टिस्तान जैसे शेष हिस्सों को पाकिस्तान से हासिल किया जा सके।
रक्षामंत्री ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि PoK में निर्दोष भारतीयों पर जो अत्याचार वह कर रहा है, उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने श्रीनगर में ‘शौर्य दिवस’ समारोह के दौरान यह बात कही। 1947 में भारतीय सेना के हवाई अभियानों और आजाद भारत की पहली सिविल-मिलिट्री जीत की याद में इन्फेंट्री डे बडगाम एयरपोर्ट पर मनाया गया।
आतंकवादियों का उद्देश्य भारत को निशाना बनाना: राजनाथ
सिंह ने कहा- पाक मानवाधिकार के नाम पर मगरमच्छ के आंसू बहाता है। आतंकवाद के ‘तांडव’ को जम्मू-कश्मीर ने कश्मीरियत के नाम पर देखा है, जिसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है। आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता है। आतंकवादियों का एकमात्र उद्देश्य भारत को निशाना बनाना है।
सिंह ने दावा किया कि पिछले कुछ सालों में जब-जब हमने आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की, कुछ बुद्धिजीवियों ने मानवाधिकारों के उल्लंघन का रोना रोया। लेकिन, 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त करके केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में लोगों के खिलाफ भेदभाव को समाप्त कर दिया।
डकोटा एयरक्राफ्ट से जवानों के उतरने का दृश्य दिखाया
भारतीय सेना के जवानों ने शौर्य दिवस के मौके पर 1947 में हुए पाकिस्तानी हमले का नाटकीय रूपांतरण दिखाया। जिस डकोटा विमान से सेना के जवान यहां उतरे थे। उसकी बानगी भी दिखाई। इस डिस्प्ले के दौरान 46 RR बटालियन के जवानों को भारतीय वायु सेना के AN-32 एयक्राफ्ट के जरिए लैंड कराया।
26 अक्टूबर 1947 को हरि सिंह ने कश्मीर के भारत के साथ विलय पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए। कश्मीर के भारत में विलय के अगले ही दिन यानी 27 अक्टूबर को हेलिकॉप्टर्स से भारत ने अपनी सेना को पाकिस्तान समर्थित कबायलियों से मुकाबले के लिए श्रीनगर हवाई अड्डे पर उतार दिया।
हिमाचल के कांगड़ा स्थित नादौन में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बलिदानों के बलिदान से पीढ़ियां जीवित रहती हैं। गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों ने चीनी सेना की घुसपैठ का करारा प्रति उत्तर दिया। कहा कि पहले देश में आतंकी हमलों की खबरें आती थीं, लेकिन मोदी सरकार आने के बाद पुलवामा व उरी हमलों के बाद पाकिस्तान की जमीन पर सर्जिकल स्ट्राइक कर मुंहतोड जवाब दिया गया।


