सतलोक आश्रम के प्रमुख रामपाल को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हत्या व अन्य धाराओं में दर्ज केस में उम्रकैद की सजा काट रहे रामपाल को जमानत मिल गई है। रामपाल 11 साल, 4 महीने और 20 दिन से जेल हिसार सेंट्रल जेल-2 में बंद है। वह आज जेल से बाहर आ सकता है।
हिसार सेंट्रल जेल-2 के सुपरिंटेंडेंट उमेश कुमार ने दैनिक भास्कर को बताया कि हाईकोर्ट के जमानत ऑर्डर संबंधित कोर्ट में जाएंगे। उसके बाद वहां बॉन्ड भरा जाएगा। इसके बाद ऑर्डर जेल आएंगे। फिर रामपाल को जेल से रिलीज किया जाएगा।
रामपाल को 19 नवंबर 2014 को हिसार जिले के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम से गिरफ्तार किया गया था। हाईकोर्ट ने उसे कोर्ट की अवमानना के एक मामले में पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन वह पेश नहीं हुआ।
जब पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची, तो समर्थकों से झड़प हो गई। इस टकराव में 5 महिलाओं और डेढ़ साल के बच्चे की मौत हुई थी। इसी मामले में रामपाल पर देशद्रोह का केस दर्ज किया गया था।
रोहतक के करौंथा और हिसार के सतलोक आश्रमों में पहले हुए विवादों को देखते हुए, रामपाल कुरुक्षेत्र में पिपली के पास बने सतलोक आश्रम में जा सकता है। अगले महीने, 1 से 3 मई तक, इसी आश्रम में विश्व शांति के लिए पाठ का आयोजन किया गया है, जिसमें देशभर से रामपाल के समर्थक जुड़ेंगे। यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि इस आश्रम को हेडक्वार्टर बनाया जा सकता है।
पिपली आश्रम के मुख्य सेवादार पुरुषोतम दास ने कहा- यह उनका आश्रम है, वह यहां जरूर आएंगे। वह पहले कहां जाएंगे, इसकी जानकारी नहीं है। सेवादारों में बहुत खुशी है कि गुरुजी आ रहे हैं।
12 जुलाई 2006 को रोहतक के करौंथा आश्रम में रामपाल के समर्थकों और आर्य समाजियों के बीच हुए संघर्ष में एक युवक की हत्या हो गई थी। 14 जुलाई 2014 को रोहतक कोर्ट में इस केस की सुनवाई थी, जो हिसार कोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होनी थी। उस दिन रामपाल के समर्थकों पर हिसार कोर्ट परिसर में उपद्रव करने का आरोप लगा। वहां तोड़फोड़ के अलावा वकीलों से भी मारपीट की गई।


