कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने रविवार को कहा कि पीएम मोदी तारीफ करते रहते हैं, जबकि ट्रम्प टैरिफ लगाते रहते हैं। मैं यह राष्ट्रपति ट्रम्प के बयानों के आधार पर कह रहा हूं।
जयराम रमेश ने कहा कि अगर समझौता होना है तो बराबरी का होना चाहिए। लेन-देन का मतलब यह नहीं है कि भारत सिर्फ देता रहेगा और कुछ लेगा नहीं।
रमेश ने कहा कि यह डील संतुलित नहीं बल्कि एकतरफा है। इसका सबसे बड़ा असर देश के किसानों पर पड़ेगा।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह समझौता मक्का, कपास, सोयाबीन, सेब, फल और अखरोट उगाने वाले किसानों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। क्या सरकार गारंटी दे सकती है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और राजस्थान के किसान इस डील से प्रभावित नहीं होंगे?
रमेश ने कहा कि यह किसानों के गले में फांसी जैसा है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर भोपाल, यवतमाल और श्रीगंगानगर में ‘महा किसान महा चौपाल’ आयोजित करेगी।
रमेश ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के राहुल गांधी पर दिए बयान का जवाब देते हुए कहा- राहुल लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) हैं। वे जिम्मेदारी से बोलते हैं, कैजुअली नहीं बोलते हैं। वे तथ्यों के आधार पर बोलते हैं और जो भी कहते हैं, उसके सबूत देते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि सदन में चर्चा हो। हमारी महिला सांसदों पर तरह-तरह के आरोप लगाए गए। इसलिए अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव अभी लंबित है। रिजिजू ने कहा है कि 9 तारीख को इस पर बहस होगी।
रमेश ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि 10 मई 2025 को शाम 5:30 बजे ऑपरेशन सिंदूर को रोकने की पहली घोषणा अमेरिका से आई। सवाल है कि क्या मजबूरी थी? यह अप्रत्याशित था। कोई नहीं चाहता था कि ऑपरेशन सिंदूर रोका जाए।
उन्होंने कहा कि अचानक अमेरिकी विदेश मंत्री ने 5:30 बजे यह कहा कि ऑपरेशन सिंदूर रोक दिया गया है। रमेश ने पूछा कि भारत की संप्रभुता से जुड़े फैसले की घोषणा अमेरिका से क्यों हुई?
भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते (ITA) को लेकर वॉशिंगटन में होने वाली बैठक स्थगित कर दी है। यह बैठक 23-26 फरवरी को वॉशिंगटन में होने वाली थी। इस बैठक का मकसद 7 फरवरी को जारी ‘जॉइंट स्टेटमेंट’ के आधार पर कानूनी ड्राफ्ट तैयार करना था।
न्यूज एजेंसी PTI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि दोनों पक्षों ने तय किया है कि हालिया टैरिफ बदलावों के कारण भारतीय टीम की यह यात्रा टाल दी गई है। इन बदलावों की समीक्षा के बाद बैठक की नई तारीख तय की जाएगी।
दरअसल, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ट्रम्प के दुनियाभर के देशों पर लगाए गए टैरिफ को रद्द कर दिया था। जिसके बाद ट्रम्प ने शुक्रवार को ही दुनियाभर पर पहले 10% टैरिफ लगाया, फिर 24 घंटे के अंदर ही उसे बढ़ाकर 15% कर दिया।


