देशभर में आज ईद मनाई जा रही है। इस दौरान अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का असर दौराने को मिला है। शिया समुदाय के लोगों ने श्रीनगर, भोपाल, जयपुर, अजमेर, सीकर, बंगाल के मुर्शिदाबाद और यूपी के संभल में नमाज के दौरान लोग काली पट्टी बांधकर पहुंचे।
भोपाल के इमामबाड़ा में अयातुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीर रखकर श्रद्धांजलि दी गई। तकरीर में मौलाना राजी उल हसन ने जुल्म के खिलाफ खड़े होने की बात कही। शिया समुदाय ने फतेहगढ़ इमामबाड़ा में काली ईद मनाई। नमाज के बाद अमेरिका और इजराइल मुर्दाबाद के नारे लगे।
राजस्थान के जयपुर, सीकर, अजमेर सहित कई जिलों में काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की गई। मस्जिदों पर काले झंडे लगाए गए थे। शिया समुदाय ने विरोध में आज नए कपड़े भी नहीं पहने। घरों में बनने वाले परंपरिक भोजन खीर, सेवइयां भी नहीं बनाई गईं।
मस्जिदों में ईद की नमाज पढ़ने के लिए लोग इकट्ठे हो रहे हैं। ईद-उल-फित्र के मौके पर राजस्थान के अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह शरीफ में सुबह 5 बजे दरगाह का ‘जन्नती दरवाजा’ खोला गया।
श्रीनगर में शिया मुसलमानों ने ईरान के समर्थन में एक जुलूस निकाला और इज़रायल तथा अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़े गए युद्ध की निंदा की।
PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने बडगाम में ईद की नमाज अदा की। इस दौरान उन्होंने कहा, “आज, हम सभी की ओर से, पूरे मुस्लिम समुदाय को अपनी शुभकामनाएं देते हैं। हम अल्लाह ताला से दुआ करते हैं कि वह हमारे रोजे कुबूल फरमाएं। हम सभी से यह अपील भी करते हैं कि वे अल्लाह से दुआ करें कि इस समय मुस्लिम समुदाय को जिन मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, वे आसान हो जाएं चाहे वह फिलिस्तीन में हों, लेबनान में, या विशेष रूप से ईरान में।”
कश्मीर में शनिवार को ईद-उल-फित्र मनाई जा रही है। डल झील के किनारे बनी हजरतबल दरगाह पर नमाजियों की सबसे बड़ी भीड़ जमा हुई।
हजरतबल में 50,000 ने नमाज अदा की। हालांकि, अधिकारियों ने पुराने श्रीनगर शहर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में ईद की नमाज की इजाजत नहीं दी। यह लगातार सातवां साल है कि जामा मस्जिद में नमाज नहीं हुई।
शहर के नौहट्टा इलाके में जामा मस्जिद पर सुरक्षा बलों की एक बड़ी टुकड़ी तैनात की गई थी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोग इन जगहों पर नमाज के लिए जमा न हों।


