हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने सोमवार को इंडियन एयर फोर्स (IAF) के फाइटर जेट तेजस के क्रैश की खबरों को गलत बताया है। HAL ने कहा है कि ग्राउंड पर एयरक्राफ्ट में मामूली तकनीकी गड़बड़ी हुई थी। हवा में ऐसा कोई हादसा नहीं हुआ है।
HAL ने बताया कि वह एयरफोर्स के साथ मिलकर तकनीकी गड़बड़ी की जांच कर रही है और उसे जल्द ठीक करेगी। कंपनी ने यह भी दावा किया कि तेजस का सेफ्टी रिकॉर्ड दुनिया के आधुनिक फाइटर जेट्स में सबसे बेहतर में से एक है।
न्यूज एजेंसी PTI ने रविवार देर रात सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि 7 फरवरी को लैंडिंग के दौरान तेजस का ब्रेक फेल हो गया था। इसके कारण एयरक्राफ्ट रनवे से आगे निकल गया। हादसे से पहले पायलट सुरक्षित बाहर निकल गया लेकिन विमान को नुकसान पहुंचा है।
PTI के मुताबिक, तेजस ट्रेनिंग उड़ान के बाद एयरबेस पर लौट रहा था। हालांकि, हादसा किस एयरबेस पर हुआ, PTI ने इसकी जानकारी नहीं दी। तेजस को HAL ने डेवलप किया है। यह सिंगल इंजन वाला हल्का लड़ाकू विमान है।
सूत्रों ने दावा किया कि घटना के बाद एयरफोर्स नेतेजस जेट के पूरे बेड़े को टेक्निकल जांच के लिए ग्राउंड कर दिया। यानी जांच पूरी होने तक विमान उड़ान नहीं भरेंगे। हादसे पर IAF की तरफ से कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है।
दावे के मुताबिक, तेजस जेट से जुड़ा यह तीसरा हादसा है। पहला हादसा मार्च 2024 में हुआ था, जब जैसलमेर के पास एक तेजस जेट क्रैश हो गया था। दूसरा हादसा नवंबर 2025 में हुआ था जब दुबई एयरशो में एरियल डिस्प्ले के दौरान एक तेजस जेट क्रैश हो गया था।
पिछले साल नवंबर में दुबई एयर शो में भारतीय वायुसेना का तेजस फाइटर जेट क्रैश हो गया था। हादसा अल मकतूम एयरपोर्ट पर जारी एयर शो में एक डेमो फ्लाइट के दौरान हुआ।
विमान के गिरते ही उसमें आग लग गई और हवाई अड्डे के ऊपर काले धुएं का गुबार देखा गया। एयरफोर्स ने बताया कि हादसे में पायलट की भी मौत हो गई। जान गंवाने वाले विंग कमांडर नमांश स्याल हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के रहने वाले थे।


