26 जनवरी को भारत 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। इस बार मुख्य परेड की थीम वंदेमातरम् पर रखी गई है। परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर 30 झांकियां निकलेंगी, जो ‘स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम, समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर आधारित होंगी।
कर्तव्य पथ पर एनक्लोजर के बैकग्राउंड में वंदेमातरम् की लाइन्स वाली पुरानी पेंटिंग बनाई जाएगी। मेन स्टेज पर फूलों से वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
इस बार गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन होंगे।
परेड में पहली बार बैक्ट्रियन ऊंट, नई बटालियन भैरव भी मार्च पास्ट करेगी। हालांकि इस बार के फ्लाईपास्ट में राफेल, Su-30, अपाचे जैसे 29 विमान शामिल होंगे। हालांकि इस बार तेजस को नहीं रखा गया है।
डिफेंस सेक्रेटरी आर के सिंह से तेजस के परेड में न होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सेना के कुछ बेहतरीन प्लेटफॉर्म दिखाए जा रहे हैं। कुछ शामिल किए गए हैं जबकि कुछ नहीं, लेकिन कोई खास वजह नहीं है।
निमंत्रण पत्रों पर वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ का लोगो होगा। परेड खत्म होने पर वंदे मातरम की थीम वाले बैनर के साथ गुब्बारों को हवा में छोड़ा जाएगा।
पारंपरिक प्रथा से हटकर, परेड स्थल पर एनक्लोजर के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले VVIP और अन्य लेबल का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इनकी जगह सभी एनक्लोजर का नाम भारतीय नदियों के नाम पर रखा गया है।
पहली बार सेना की रिमाउंट एंड वेटरनरी विंग के जानवर परेड में शामिल होंगे। इनमें 2 बैक्ट्रियन ऊंट, 4 जास्कर टट्टू, 4 शिकारी पक्षी और 10 मिलिट्री डॉग शामिल हैं।
पहली बार भैरव लाइट कमांडो बटालियन भी गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेगी। अक्टूबर 2025 में भैरव बटालियन को इन्फैंट्री और स्पेशल फोर्सेज के बीच अंतर को पाटने के लिए बनाया गया था।
29 जनवरी को बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के लिए भी एनक्लोजर का नाम भारतीय वाद्ययंत्रों- बांसुरी, डमरू, एकतारा, एसराज, मृदंगम, नगाड़ा, पखावज, संतूर, सारंगी, सरिंदा, सरोद, शहनाई, सितार, सुरबहार, तबला और वीणा के नाम पर रखा जाएगा।

